
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश लगातार मुश्किलें बढ़ा रही है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और बिजली-पानी की समस्याओं के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान समय में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जबकि 224 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां 66 सड़कें बंद हैं और 182 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कुल्लू जिले में भी बारिश का व्यापक प्रभाव पड़ा है, जहां 31 सड़कें और 31 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा सिरमौर में 28, शिमला में 12, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क बंद है।
किन्नौर जिले में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड के बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्यों में जुटे हुए हैं।
बिजली और पेयजल व्यवस्था पर असर
भारी बारिश के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। मंडी के बाद कुल्लू जिला सबसे अधिक प्रभावित है। शिमला में सात और सोलन में तीन बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों में बिजली संकट की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, पेयजल योजनाएं भी बारिश की मार से प्रभावित हुई हैं। प्रदेश में 14 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें शिमला जिले की पांच योजनाएं सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं। जल शक्ति विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मानसून में अब तक 798 करोड़ रुपये का नुकसान
राज्य सरकार की मानसून क्षति रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 6 अगस्त 2026 तक प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में 142 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान सरकारी और निजी संपत्तियों को मिलाकर करीब 797.86 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया है।
बारिश से सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है। इसके अलावा बिजली विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और अन्य सरकारी क्षेत्रों को भी भारी क्षति पहुंची है। निजी मकानों, कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार खराब मौसम को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित सड़कों, बिजली लाइनों और पेयजल योजनाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है। वहीं, लोगों से अपील की गई है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचें।
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