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छत्तीसगढ़ में ‘कोशल फैब’ की शुरुआत, कोसा सिल्क और बस्तर की बुनाई को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर में प्रदेश के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी के दौरान ब्रांड का लोगो और कैटलॉग जारी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। ‘कोशल फैब’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा उत्पादों, कोसा सिल्क और बस्तर की विशिष्ट बुनाई को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

10.90 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता और पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी और माटीकला बोर्ड से जुड़े हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10.90 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि और पुरस्कार वितरित किए। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

पांच प्रमुख एयरपोर्ट पर खुलेंगे हस्तशिल्प शोरूम

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को देशभर में बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा रायपुर में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल में भी स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता देने की योजना है। इससे छत्तीसगढ़ के बुनकरों, शिल्पकारों और स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को सीधे बड़े बाजार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रदर्शनी में पहुंचे मुख्यमंत्री, खरीदी हथकरघा साड़ी

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई स्वदेशी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर प्रदर्शित कोसा सिल्क, खादी, हथकरघा और पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बुनकरों और शिल्पकारों से बातचीत कर उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कारीगरों का उत्साह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने हथकरघा स्टॉल से स्वयं एक साड़ी भी खरीदी।

7 अगस्त को मनाया जाता है राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक स्मृति से जुड़े इस दिन को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकर, शिल्पकार, जनप्रतिनिधि और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। ‘कोशल फैब’ के लॉन्च को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे स्थानीय कला, कारीगरी और बुनकरों के उत्पादों को नए बाजार मिलने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

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