वन महोत्सव में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला जनसहयोग, बलौदाबाजार में हुआ वृहद वृक्षारोपण

पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार वनमंडल के वन परिक्षेत्र बल्दाकछार में परिक्षेत्र स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पौधरोपण कर लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, पर्यावरण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर, प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री एकता कर सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा जनपद सदस्य, ग्राम पंचायतों के सरपंच, वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्कूली विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इस अवसर पर ग्राम अर्जुनी (ब) स्थित गौठान में स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए गए। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखकर वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
कार्यक्रम में बताया गया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी बेहद जरूरी है। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या बाड़ लगाने, समय-समय पर सिंचाई करने और उन्हें संरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वायु को शुद्ध करते हैं, ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, तापमान नियंत्रित करते हैं, वर्षा चक्र को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। इसके साथ ही पेड़-पौधे पक्षियों और वन्यजीवों के लिए आश्रय स्थल भी उपलब्ध कराते हैं।
वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, वन समितियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। वन महोत्सव के माध्यम से बलौदाबाजार वनमंडल में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को नई ऊर्जा मिली है, जो स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।












