36 साल की उम्र में ICC अंपायर का निधन:72 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कर चुकी थीं अंपायरिंग

जिम्बाब्वे की पूर्व क्रिकेटर और अंतरराष्ट्रीय अंपायर सारा डाम्बानेवाना के निधन से क्रिकेट जगत में शोक
हैदराबाद। क्रिकेट जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। जिम्बाब्वे की पूर्व क्रिकेटर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की अंपायर सारा डाम्बानेवाना का 36 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में भर्ती थीं। उनके निधन पर ICC ने शोक व्यक्त किया है। ICC चेयरमैन जय शाह ने भी उनके योगदान को याद करते हुए परिवार, दोस्तों और जिम्बाब्वे क्रिकेट समुदाय के प्रति संवेदना जताई।
सारा डाम्बानेवाना का क्रिकेट सफर कई महिलाओं के लिए प्रेरणा रहा। उन्होंने पहले खिलाड़ी के रूप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया और बाद में अंपायरिंग में अपनी पहचान बनाई। जिम्बाब्वे की पहली महिला अंपायर के रूप में ICC डेवलपमेंट अंपायर्स पैनल में शामिल होना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।
जय शाह ने सारा के निधन पर जताया दुख
ICC चेयरमैन जय शाह ने सारा डाम्बानेवाना के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मैदान पर जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में इतिहास बनाने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा।
उन्होंने कहा कि सारा की उपलब्धियों ने अधिक महिलाओं के लिए क्रिकेट में अंपायरिंग को करियर के रूप में अपनाने का रास्ता तैयार किया। उनके अनुसार, खेल में सारा के योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाएगा और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
ICC की ओर से उनके परिवार, दोस्तों, साथियों और जिम्बाब्वे क्रिकेट समुदाय के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की गई।
खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय अंपायर तक का सफर
सारा डाम्बानेवाना ने वर्ष 2009 से 2014 तक जिम्बाब्वे के लिए क्रिकेट खेला। खिलाड़ी के रूप में अपने अनुभव के बाद उन्होंने अंपायरिंग में करियर बनाने का फैसला किया। इस बदलाव ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक अलग पहचान दिलाई।
वह ICC डेवलपमेंट अंपायर्स पैनल में शामिल होने वाली जिम्बाब्वे की पहली महिला अंपायर बनीं। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि जिम्बाब्वे में महिला क्रिकेट और अंपायरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छुक महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण थी।
अंपायर के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और महिला क्रिकेट के कई बड़े मुकाबलों में काम किया।
अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप से विश्व कप तक पहुंचीं
सारा को जनवरी 2023 में ICC अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में पहली बार ICC की ओर से अंपायर नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें महिला क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंटों में भी जिम्मेदारी मिली।
उनके करियर में ICC महिला टी20 विश्व कप 2024 और महिला वनडे विश्व कप 2025 जैसे प्रमुख टूर्नामेंट शामिल रहे। इन प्रतियोगिताओं में अंपायरिंग करना उनके अनुभव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
उनका सफर यह भी दिखाता है कि क्रिकेट में खिलाड़ियों के अलावा अंपायरिंग जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं के लिए अवसर लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
72 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैचों में की अंपायरिंग
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सारा डाम्बानेवाना ने अपने अंपायरिंग करियर में कुल 72 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जिम्मेदारी निभाई। इनमें पुरुषों के 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच, महिलाओं के 14 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच और महिलाओं के 48 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल थे।
यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके अनुभव और योगदान को दर्शाता है। कम उम्र में उनका निधन क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।
महिला क्रिकेट के लिए छोड़ गईं प्रेरणादायक विरासत
सारा डाम्बानेवाना ने अपने करियर में दो अलग-अलग भूमिकाओं में क्रिकेट की सेवा की। पहले खिलाड़ी के तौर पर और फिर अंपायर के रूप में उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिम्बाब्वे की पहली महिला अंपायर के रूप में उनकी पहचान ने महिला क्रिकेट से जुड़े पेशेवर अवसरों को भी नई दिशा दी।
उनके निधन से क्रिकेट समुदाय में शोक का माहौल है। ICC और जय शाह की संवेदनाओं के बीच उन्हें एक ऐसी अंपायर के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने अपने काम और उपलब्धियों से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा छोड़ी।












