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दिल्ली में मुफ्त बिजली लेने के लिए आधार जरूरी, 200 यूनिट तक बिल माफ; जानें नए नियम

बिजली सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को आधार से पहचान साबित करनी होगी, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट रखा

नई दिल्ली। दिल्ली में मुफ्त बिजली का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए अहम बदलाव की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आधार संबंधी नियम अनिवार्य किए हैं। ऊर्जा विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी लेने के लिए वैध आधार नंबर का प्रमाण देना होगा। जिन लोगों ने अभी तक आधार के लिए नामांकन नहीं कराया है, उनके लिए नामांकन आईडी के आधार पर जरूरी विवरण जमा करने का प्रावधान भी बताया गया है।

इस नियम का उद्देश्य सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और लाभार्थियों की पहचान को व्यवस्थित करना है। हालांकि, उपभोक्ताओं को अपनी पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया से जुड़ी ताजा जानकारी संबंधित बिजली वितरण कंपनी या दिल्ली सरकार के आधिकारिक माध्यम से जरूर जांचनी चाहिए।

200 यूनिट तक बिजली मुफ्त, 400 यूनिट तक सब्सिडी का प्रावधान

दिल्ली की बिजली सब्सिडी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक बिजली खपत पर मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है। वहीं, 201 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को बिल पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। यह छूट अधिकतम 800 रुपये प्रति माह तक बताई गई है।

इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं को उनके संबंधित बिजली वितरण क्षेत्र के अनुसार मिलता है। दिल्ली में बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड सहित संबंधित बिजली वितरण संस्थाएं अपने क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और बिलिंग का काम करती हैं। एनडीएमसी और मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के संबंधित क्षेत्रों में भी योजना लागू होने का उल्लेख किया गया है।

आधार से पहचान सत्यापित करने पर जोर

ऊर्जा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सब्सिडी पाने के लिए लाभार्थियों को आधार नंबर के जरिए अपनी पहचान स्थापित करनी होगी। आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के तहत जारी व्यवस्था में लाभार्थियों को निर्धारित वेब पोर्टल या सरकार द्वारा तय अन्य माध्यमों से जानकारी देने का प्रावधान बताया गया है।

जिन उपभोक्ताओं के पास आधार नंबर नहीं है, उन्हें पहले आधार नामांकन कराना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसे मामलों में 14 अंकों की आधार नामांकन पहचान संख्या के साथ आवश्यक विवरण जमा करने का विकल्प दिया गया है। आवेदन से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित उपभोक्ता के लिए कौन-से दस्तावेज और प्रक्रिया लागू हैं।

बिजली सब्सिडी पर हजारों करोड़ रुपये खर्च

दिल्ली में बिजली सब्सिडी सरकार के बड़े खर्चों में शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक सब्सिडी के लिए आवंटन 4,037.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में 3,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या पिछले दशक में लगभग 40 प्रतिशत बढ़कर 73 लाख से अधिक हो गई है। वर्ष 2024-25 में करीब 52.3 लाख घरेलू उपभोक्ताओं ने सब्सिडी का लाभ लिया था। यह संख्या 2025-26 में बढ़कर लगभग 55 लाख बताई गई है।

उपभोक्ता क्या करें?

मुफ्त बिजली या सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल, उपभोक्ता खाते और आधार से संबंधित विवरण तैयार रखने चाहिए। आवेदन या सत्यापन के लिए केवल सरकार और संबंधित बिजली वितरण कंपनी के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। किसी अनजान लिंक पर आधार नंबर या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।

आधार संबंधी नियमों, नामांकन आईडी की स्वीकार्यता और सब्सिडी के आवेदन की प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से करें। केवल आधार नियम में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि सभी उपभोक्ताओं की सब्सिडी अपने-आप बंद हो जाएगी; वास्तविक लाभ पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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