
रायपुर – गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा कि “निःसंदेह मुस्लिमों को गरबा में नहीं जाना चाहिए। अगर आस्था है तो देवी मंदिर जाएं, नारियल जोड़ा चढ़ाएं, साष्टांग प्रणाम करें और प्रसाद ग्रहण करें। ऐसा करने के बाद ही गरबा में जाने का हक बनता है।”
उन्होंने आयोजकों से भी अपील की कि “गरबा कोई डांस प्रोग्राम नहीं बल्कि धार्मिक अनुष्ठान है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल वही लोग शामिल हों जिनकी आस्था देवी पर है।”
इसी दौरान विजय शर्मा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सवाल उठाकर बस्तर को और कलंकित कर रही है। झीरम का सबूत जेब में लेकर घूमते रहे, लेकिन न कभी बताया और न ही नक्सल उन्मूलन में कुछ किया। अब जब नक्सलवाद खात्मे के कगार पर है, कांग्रेस को राजनीति नहीं करनी चाहिए।”
गृहमंत्री के इन दो टूक बयानों से एक तरफ जहाँ गरबा विवाद नया राजनीतिक रंग ले चुका है, वहीं दूसरी ओर बस्तर और नक्सल मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने आ खड़ी हुई है।












