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कान में खुजली को नजरअंदाज न करें, ये गलती पड़ सकती है भारी; जानें क्या करें

मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, गले में खराश, एलर्जी और कान से जुड़ी परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में कान में हल्की खुजली या भारीपन महसूस होना आम लग सकता है, लेकिन इस दौरान की गई छोटी-सी गलती परेशानी बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कान में खुजली, दर्द या भारीपन होने पर खुद से कोई ड्रॉप न डालें और न ही ईयरबड, माचिस की तीली या किसी दूसरी वस्तु से कान साफ करने की कोशिश करें।

कान की हल्की खुजली कई बार अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खुजली लगातार बनी रहे या इसके साथ दर्द, सुनाई कम देना, कान से पानी या मवाद आना जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

कान में खुजली की एक वजह ज्यादा सफाई भी

कान को बार-बार साफ करने की आदत भी खुजली की वजह बन सकती है। कान में बनने वाला मैल यानी ईयरवैक्स केवल गंदगी नहीं होता, बल्कि यह कान की अंदरूनी त्वचा को सुरक्षा देने में मदद करता है। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर यह प्राकृतिक सुरक्षा हट सकती है और कान में जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

इसलिए कान के अंदर तक ईयरबड या माचिस की तीली डालकर सफाई करने से बचना चाहिए। सामान्य तौर पर कान का मैल धीरे-धीरे खुद बाहर निकलता रहता है।

मैल जमने पर भी हो सकती है खुजली

कान में अधिक मैल जमा होने पर खुजली के साथ दर्द, भारीपन या सुनाई देने में कमी जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में खुद से कान में कोई ड्रॉप डालने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

त्वचा की बीमारी भी हो सकती है वजह

एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं केवल शरीर की बाहरी त्वचा तक सीमित नहीं रहतीं। इनके कारण कान के आसपास या कान की नली में भी खुजली और जलन हो सकती है।

अगर पहले से त्वचा संबंधी समस्या है और कान में लगातार खुजली बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ या ईएनटी चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।

संक्रमण का संकेत भी हो सकती है खुजली

कान में खुजली कभी-कभी संक्रमण का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। अगर खुजली के साथ कान में दर्द, सूजन या किसी तरह का स्राव आने लगे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ईयरबड या श्रवण यंत्र का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले लोगों में भी कुछ परिस्थितियों में कान के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे उपकरणों की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।

एलर्जी से भी शुरू हो सकती है कान में खुजली

कुछ लोगों में खाने की चीजों या अन्य एलर्जी के कारण भी कान में खुजली हो सकती है। इसके साथ शरीर के दूसरे हिस्सों में खुजली, लाल चकत्ते या सूजन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

अगर किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद कान में खुजली के साथ सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन जैसी गंभीर समस्या हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

गहनों से भी हो सकती है परेशानी

कानों में पहने जाने वाले कुछ आभूषणों में निकल जैसी धातु हो सकती है, जिससे संवेदनशील लोगों को एलर्जी हो सकती है। इसके कारण कान में खुजली, लालिमा, सूखापन या सूजन हो सकती है। ऐसी स्थिति में उस आभूषण को हटाने और चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत हो सकती है।

गले में दर्द हो तो क्या सावधानी रखें?

मौसम में बदलाव के दौरान गले में खराश या दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में बहुत ठंडे पदार्थों के सेवन से बचना और पर्याप्त पानी पीते रहना फायदेमंद हो सकता है। धूल, धुआं और प्रदूषण से भी बचने की कोशिश करनी चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नाक बंद रहना, बार-बार छींक आना, सुनाई कम देना, कान से पानी या मवाद आना या गले की समस्या लंबे समय तक बने रहना सामान्य मानकर नहीं छोड़ना चाहिए।

बच्चों में सर्दी-जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार या कान में दर्द हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

सबसे जरूरी बात: कान में खुजली होने पर तुरंत ईयरबड या माचिस की तीली डालकर सफाई करना या अपनी मर्जी से कोई कान की ड्रॉप इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं है। पहले समस्या की वजह समझना जरूरी है, क्योंकि खुजली के पीछे मैल, त्वचा की बीमारी, एलर्जी या संक्रमण जैसी अलग-अलग वजहें हो सकती हैं।

 

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