लाइब्रेरी से घर लौट रही छात्रा पर एसिड अटैक, जानिए पूरा मामला

बालोद में 22 साल की छात्रा पर खौफनाक हमला, रास्ते में युवक ने फेंका एसिड; रायपुर के अस्पताल में चल रहा इलाज
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 22 साल की एक छात्रा पर उस वक्त एसिड से हमला कर दिया गया, जब वह आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई करने के बाद अपने घर लौट रही थी। छात्रा को शायद अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले रास्ते में उसके साथ ऐसी खौफनाक घटना होने वाली है।
बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई के बाद घर जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान सिंचाई कॉलोनी के पास एक युवक ने उस पर कथित तौर पर एसिड फेंक दिया। अचानक हुए इस हमले से छात्रा बुरी तरह झुलस गई। एसिड उसके शरीर के दाहिने हिस्से के साथ-साथ चेहरे और आंख तक पहुंच गया। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल छात्रा को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अचानक हुए हमले से मची चीख-पुकार
घटना के बाद छात्रा दर्द से तड़प उठी। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया। एसिड के कारण उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। सबसे ज्यादा चिंता उसकी आंख को लेकर बताई जा रही है।
स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने का फैसला लिया गया। इसके बाद छात्रा को रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
इस घटना की खबर सामने आते ही बालोद से लेकर रायपुर तक हड़कंप मच गया। परिजन भी इस हमले से सदमे में हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी बेटी को निशाना क्यों बनाया गया।
आधी रात पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचीं विधायक
घटना की जानकारी संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा तक पहुंची तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। छात्रा को रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किए जाने के बाद विधायक देर रात अस्पताल पहुंचीं।
आधी रात अस्पताल पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों से छात्रा की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने इलाज कर रही चिकित्सकीय टीम से बात की और छात्रा को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विधायक ने पीड़िता और उसके परिवार से भी मुलाकात की। इस मुश्किल समय में उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है और इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
विधायक बोलीं- बेटियों के खिलाफ दरिंदगी बर्दाश्त नहीं
एसिड अटैक की घटना पर विधायक संगीता सिन्हा ने कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ इस तरह की दरिंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मामले की तेजी से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाना चाहिए।
पुलिस ने कोंडागांव से दो संदिग्धों को पकड़ा
घटना के बाद पुलिस ने भी तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मामले से जुड़े दो संदिग्धों को कोंडागांव से हिरासत में लिया है। दोनों को बालोद लाया जा रहा है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा पर हमला किसने किया, हमले के पीछे क्या वजह थी और क्या इस वारदात की पहले से कोई साजिश रची गई थी। फिलहाल पुलिस की पूछताछ के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
आखिर छात्रा पर क्यों किया गया हमला?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 22 साल की छात्रा को क्यों निशाना बनाया गया। क्या आरोपी पहले से उसका पीछा कर रहा था? क्या दोनों एक-दूसरे को जानते थे? क्या हमले के पीछे कोई पुराना विवाद या व्यक्तिगत कारण था? या फिर आरोपी ने किसी अन्य वजह से इस वारदात को अंजाम दिया?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
पुलिसकर्मी की बेटी के साथ हुई वारदात से बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्रा पुलिसकर्मी की बेटी है। ऐसे में पुलिस परिवार से जुड़े परिवार की बेटी पर हुए इस हमले ने मामले को और गंभीर बना दिया है। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भी आक्रोश है।
एक छात्रा का पढ़ाई करके घर लौटना और रास्ते में उस पर इस तरह का हमला होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। खासकर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लोग अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल छात्रा रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में उपचाराधीन है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है। पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होगा कि एसिड अटैक को किसने अंजाम दिया, इसके पीछे क्या वजह थी और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की ओर से आधिकारिक खुलासे के बाद ही मामले की पूरी कहानी सामने आएगी।
यह घटना एक बार फिर सवाल छोड़ती है कि आखिर बेटियां जब पढ़ाई या काम के बाद अपने घर लौट रही हों, तब उनकी सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है? बालोद की इस घटना में अब सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि पीड़िता को बेहतर इलाज मिले और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाए।












