संजय दत्त के बयान पर मचा बवाल, फिर एक्स पर देनी पड़ी सफाई; जानें क्या कहा था?

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टुनाइट’ के एपिसोड 21 में संजय दत्त ने अपनी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। बातचीत में उन्होंने 24 साल तक चले मुकदमे, अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त से जुड़ी यादों और जिंदगी के मुश्किल दौर का जिक्र किया। लेकिन इसी बातचीत के दौरान देश में शांति को लेकर कही गई उनकी एक बात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और विवाद खड़ा हो गया।
24 साल के मुकदमे और मां नरगिस का भी हुआ जिक्र
शेखर सुमन के साथ बातचीत के दौरान संजय दत्त ने अपनी जिंदगी के उस दौर पर भी बात की, जिसने उनके करियर और निजी जीवन पर गहरा असर डाला। 24 साल तक चले मुकदमे का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने संघर्षों और उस दौरान झेले दबाव को याद किया।
संजय दत्त की जिंदगी में उनकी मां नरगिस दत्त की भूमिका भी बेहद खास रही है। शो में उनके जीवन, परिवार और भावनात्मक सफर से जुड़े कई पहलुओं पर बातचीत हुई। इसी वजह से यह एपिसोड सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संजय दत्त की निजी जिंदगी को समझने का मौका भी देता है।
देश में शांति नहीं मिलने वाली बात पर विवाद
इसी बातचीत के दौरान संजय दत्त ने भारत की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के लोग बहुत प्यारे और मेहमाननवाज हैं, लेकिन उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती।
उनकी यह बात सोशल मीडिया पर सामने आते ही बहस शुरू हो गई। बयान के एक हिस्से को लोगों ने अलग-अलग तरीके से लिया और कुछ यूजर्स ने संजय दत्त की आलोचना भी शुरू कर दी।
संजय दत्त ने बातचीत में यह भी कहा था कि भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज लोग हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में शांति और सद्भाव का माहौल फिर से मजबूत हो।

विवाद बढ़ा तो एक्स पर संजय दत्त ने दी सफाई
बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद संजय दत्त को अपने एक्स खाते पर सफाई देनी पड़ी। 4 अक्टूबर को उन्होंने पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उनकी बातों का उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
संजय दत्त ने बताया कि शो में हुई बातचीत पहले से तैयार और हल्के-फुल्के हास्य के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा कि उनकी बातों के पीछे वही भावना थी, जो ‘मुन्ना भाई’ जैसी फिल्मों और खासकर ‘गांधीगिरी’ के जरिए प्यार, अपनापन, एकजुटता और सद्भाव का संदेश देने में दिखाई गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से उनके शब्दों को उस संदर्भ से अलग समझ लिया गया।
‘मुन्ना भाई’ अंदाज में किया था देश को संबोधित
शो में संजय दत्त अपने लोकप्रिय किरदार मुन्ना भाई के अंदाज में नजर आए थे। बातचीत को मनोरंजक बनाने के लिए उन्होंने खुद को कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री की भूमिका में कल्पना करते हुए देश को संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने देश में शांति और सद्भाव की बात कही थी।
अब इस बयान के बाद उनकी सफाई भी चर्चा में है। वहीं शेखर सुमन ने भी संजय दत्त का बचाव करते हुए कहा है कि अभिनेता की बातों को गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए और वह अपने देश से प्यार करते हैं।
फिलहाल संजय दत्त का यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ उनके प्रशंसक इसे शो के व्यंग्य और हास्य का हिस्सा बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ बयान के उस हिस्से को लेकर सवाल उठ रहे हैं जिसमें उन्होंने देश में शांति महसूस नहीं होने की बात कही थी।












