स्लीपर बस में छिपा था करोड़ों का माल, पुलिस ने रास्ते में दबोचा; खुलते ही सामने आई पूरी कहानी

जीपीएम में स्लीपर बस से 245 किलो गांजा जब्त, कीमत 1.22 करोड़; बस मालिक और साथी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्लीपर बस से 245 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। गांजा जिस बस से ले जाया जा रहा था, उसकी कीमत भी करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गांजा परिवहन में इस्तेमाल 44 सीटर स्लीपर बस, तीन मोबाइल फोन और गांजा बरामद किया है। मामले में बस मालिक सह चालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा के मलकानगिरी से एक यात्री बस के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने रूट पर निगरानी बढ़ाई और कोटमी इलाके में घेराबंदी कर संदिग्ध बस को रोक लिया।
मुखबिर की सूचना ने खोला तस्करी का रास्ता
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में पेंड्रा पुलिस को गांजा तस्करी की सूचना मिली थी।
सूचना थी कि मलकानगिरी से गांजे की बड़ी खेप यात्री बस के जरिए छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम को सक्रिय किया और कोटमी इलाके में संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।
कुछ ही देर बाद पुलिस को वह स्लीपर बस मिल गई, जिस पर शक था। टीम ने बस को रोककर तलाशी शुरू की तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी सतर्क हो गई।
49 पैकेट में मिला 245 किलो गांजा
बस की तलाशी के दौरान पुलिस को 49 पैकेटों में करीब 245 किलो गांजा मिला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होते ही पुलिस ने बस में मौजूद दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान बस मालिक एवं चालक दिलीप कुमार हिंडिया, निवासी नायपुरा, माथिली, जिला मलकानगिरी, ओडिशा और उसके सहयोगी भीमसेन केवट, उम्र 30 वर्ष, निवासी धनौरा मौहरपारा, थाना मरवाही के रूप में हुई।
पुलिस ने गांजे के साथ बस और तीन मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए।
मलकानगिरी से जीपीएम तक पहुंचनी थी खेप
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को गांजा तस्करी के नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी दिलीप कुमार ने गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से लेकर छत्तीसगढ़ के कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में सप्लाई करने के लिए लाने की बात बताई है।
पुलिस के मुताबिक इस तस्करी के लिए जिस रूट का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसमें मलकानगिरी, बोरई, धमतरी, रायपुर, बिलासपुर, पाली, कटघोरा, पसान और पेंड्रा शामिल हैं।
यानी गांजे की यह खेप कई इलाकों को पार करते हुए जीपीएम तक पहुंचने वाली थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण रास्ते में ही पकड़ ली गई।
कटघोरा से बस में सवार हुआ था सहयोगी
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भीमसेन केवट पहले से बस में मौजूद नहीं था। पुलिस के अनुसार वह कटघोरा से बस में सवार हुआ था।
उसका काम चालक के साथ यात्रा करना और आगे का रास्ता बताना बताया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस पूरी खेप को लेकर किस स्तर पर बातचीत हुई थी।
बस मालिक खुद चला रहा था बस
इस पूरे मामले में एक और बात पुलिस जांच के दौरान सामने आई है। जिस स्लीपर बस का इस्तेमाल गांजा परिवहन के लिए किया जा रहा था, उसका मालिक खुद ही बस चला रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी दिलीप कुमार के पास एमबीए की डिग्री भी है। यानी पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी किस तरह इस तस्करी से जुड़ा और बस के इस्तेमाल की योजना कैसे बनाई गई।
पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये कीमत की स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया है।
करोड़ों की खेप, लाखों की बस और मोबाइल भी जब्त
पुलिस की कार्रवाई में कुल बरामदगी काफी बड़ी है। 245 किलो गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये कीमत की स्लीपर बस और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन की जांच और आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सप्लायर और रिसीवर कौन? पुलिस तलाश में जुटी
गांजा बरामद होने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी खेप भेजने वाला कौन था और इसे छत्तीसगढ़ में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस गांजे के सप्लायर और संभावित रिसीवर तक पहुंचने पर है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इससे पहले इस रूट से कितनी बार गांजे की खेप लाई गई और इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में थाना पेंड्रा में अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने प्रेस वार्ता में बताई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्लीपर बस से 245 किलो गांजा बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में बस चालक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। खासकर गांजा कहां से आया, किसके कहने पर लाया गया और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इन सवालों के जवाब जांच के दौरान तलाशे जा रहे हैं।
फिलहाल एक करोड़ से ज्यादा कीमत की गांजे की खेप शहर तक पहुंचने से पहले ही पुलिस के हाथ लग गई है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद अब जांच की नजर उस बड़े नेटवर्क पर है, जिसके जरिए मलकानगिरी से छत्तीसगढ़ तक गांजे की सप्लाई की जा रही थी।












