
वैज्ञानिक शोध में Y क्रोमोसोम के विकास और जीन लॉस की कहानी, लेकिन क्या इससे भविष्य में पुरुषों की संख्या घट जाएगी?
नई दिल्ली। क्या आने वाले समय में दुनिया में पुरुषों की संख्या कम हो सकती है और महिलाओं की संख्या बढ़ सकती है? Y क्रोमोसोम को लेकर वैज्ञानिक शोध के सामने आने के बाद यह सवाल एक बार फिर चर्चा में है। Y क्रोमोसोम ने अपने करोड़ों वर्षों के विकास के दौरान बड़ी संख्या में पुराने जीन खोए हैं। इसी प्रक्रिया को जीन लॉस या आनुवंशिक क्षरण कहा जाता है। हालांकि, वैज्ञानिक शोध यह साबित नहीं करता कि Y क्रोमोसोम खत्म होने वाला है या इसकी वजह से भविष्य में पुरुषों की संख्या निश्चित रूप से कम हो जाएगी।
X और Y क्रोमोसोम में क्या अंतर है?
मनुष्यों में सामान्यतः महिलाओं में XX और पुरुषों में XY क्रोमोसोम पाए जाते हैं। Y क्रोमोसोम आकार में X से छोटा है और इसके अधिकांश हिस्से में X क्रोमोसोम की तरह दो समान प्रतियां नहीं होतीं। Y क्रोमोसोम पर मौजूद एसआरवाई (SRY) जीन पुरुष विकास की शुरुआती जैविक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह जीन भ्रूण में टेस्टिस के विकास की प्रक्रिया शुरू करने वाले प्रमुख संकेतों में शामिल है।
करोड़ों वर्षों में Y क्रोमोसोम ने खोए कई जीन
वैज्ञानिकों के अनुसार X और Y क्रोमोसोम बहुत पहले एक सामान्य ऑटोसोम यानी सामान्य क्रोमोसोम की जोड़ी से विकसित हुए थे। विकास की लंबी प्रक्रिया में Y क्रोमोसोम और X क्रोमोसोम के बीच आनुवंशिक अदला-बदली यानी रिकॉम्बिनेशन कई हिस्सों में बंद होती गई। इसके बाद Y क्रोमोसोम के कुछ हिस्सों में जीन लॉस की प्रक्रिया शुरू हुई।
एक महत्वपूर्ण अध्ययन में वैज्ञानिकों ने मानव और रीसस बंदर के Y क्रोमोसोम की तुलना की। शोध में पाया गया कि मानव वंश में पिछले करीब 2.5 करोड़ वर्षों के दौरान जीन लॉस मुख्य रूप से Y क्रोमोसोम के सबसे नए हिस्से तक सीमित रहा, जबकि पुराने हिस्सों में जीन लॉस काफी पहले रुक चुका था।
क्या Y क्रोमोसोम धीरे-धीरे खत्म हो रहा है?
यही इस पूरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। Y क्रोमोसोम के विकास को लेकर लंबे समय से वैज्ञानिक बहस होती रही है। कुछ पुराने सिद्धांतों में यह संभावना जताई गई थी कि यदि जीन लॉस इसी तरह चलता रहा तो बहुत दूर के भविष्य में Y क्रोमोसोम खत्म हो सकता है।
लेकिन बाद के शोध ने इस धारणा को काफी चुनौती दी है। 2012 में नेचर में प्रकाशित शोध के अनुसार मानव Y क्रोमोसोम के पुराने हिस्सों में पिछले 2.5 करोड़ वर्षों में जीन लॉस बहुत सीमित रहा है। इसके आधार पर वैज्ञानिकों ने संकेत दिया कि Y क्रोमोसोम का पूरी तरह खत्म होना तय नहीं माना जा सकता।
2013 की नेचर रिव्यूज जेनेटिक्स की समीक्षा में भी बताया गया कि Y क्रोमोसोम का क्षरण एक सीधी रेखा में चलने वाली प्रक्रिया नहीं है। उपलब्ध शोध यह नहीं बताता कि Y क्रोमोसोम भविष्य में अनिवार्य रूप से पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
फिर पुरुषों की संख्या कम होने की बात क्यों कही जाती है?
Y क्रोमोसोम के जीन लॉस और पुरुषों की आबादी को लेकर दोनों बातों को अक्सर एक साथ जोड़ दिया जाता है। लेकिन ये दो अलग-अलग वैज्ञानिक सवाल हैं।
Y क्रोमोसोम में जीन का कम होना अपने आप यह साबित नहीं करता कि दुनिया में पुरुषों की संख्या कम हो जाएगी। किसी आबादी में पुरुष और महिलाओं की संख्या पर जन्म के समय लिंग अनुपात, मृत्यु दर, जीवन प्रत्याशा, प्रवासन और सामाजिक-जनसांख्यिकीय परिस्थितियों जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ता है।
इसलिए केवल Y क्रोमोसोम में हुए जीन लॉस के आधार पर यह भविष्यवाणी करना कि भविष्य में महिलाएं बहुत ज्यादा और पुरुष बहुत कम हो जाएंगे, वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
Y क्रोमोसोम के जीन पूरी तरह बेकार नहीं हैं
Y क्रोमोसोम को कभी-कभी केवल पुरुष निर्धारण से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन शोध से पता चला है कि इसके बचे हुए कई जीन महत्वपूर्ण जैविक भूमिकाएं निभाते हैं।
2014 में नेचर में प्रकाशित शोध के आधार पर रिपोर्ट किया गया कि Y क्रोमोसोम के बचे हुए कई जीन महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और इसका महत्व केवल पुरुष विकास तक सीमित नहीं है।
यानी Y क्रोमोसोम में जीन लॉस हुआ है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इसके बचे हुए जीन महत्वहीन हो गए हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात: शरीर की कुछ कोशिकाओं में Y क्रोमोसोम का नुकसान
वैज्ञानिकों ने पुरुषों की कुछ कोशिकाओं में जीवन के दौरान Y क्रोमोसोम के खोने की एक अलग प्रक्रिया भी देखी है, जिसे मोजेक लॉस ऑफ Y क्रोमोसोम (LOY) कहा जाता है। यह जन्म से पुरुषों के Y क्रोमोसोम के विकासवादी जीन लॉस से अलग घटना है।
2025 की नेचर रिव्यूज जेनेटिक्स समीक्षा के अनुसार LOY पुरुषों में होने वाला एक सामान्य पोस्ट-जाइगोटिक यानी जन्म के बाद कोशिकाओं में होने वाला आनुवंशिक बदलाव है और उम्र के साथ इसकी घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसके संबंध को कुछ बीमारियों और प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलावों से लेकर शोध किया जा रहा है।
इसका मतलब यह नहीं है कि किसी पुरुष की पूरी शरीर में मौजूद सभी कोशिकाओं से Y क्रोमोसोम गायब हो जाता है या इससे पुरुष आबादी खत्म होने लगती है।
क्या भविष्य में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा हो सकती हैं?
कुछ देशों या क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं का अनुपात अलग-अलग हो सकता है और समय के साथ बदल भी सकता है। लेकिन इसे केवल X और Y क्रोमोसोम के जीन लॉस से जोड़ना सही नहीं होगा।
वैज्ञानिकों के पास फिलहाल ऐसा ठोस प्रमाण नहीं है जिससे कहा जा सके कि Y क्रोमोसोम के जीन लॉस के कारण आने वाले समय में पूरी दुनिया में पुरुषों की संख्या तेजी से घट जाएगी।
वैज्ञानिक निष्कर्ष क्या कहता है?
तथ्य यह है कि Y क्रोमोसोम ने अपने विकास के दौरान काफी जीन खोए हैं। लेकिन यह कहना कि Y क्रोमोसोम अब खत्म होने वाला है और इसकी वजह से भविष्य में पुरुष कम हो जाएंगे, मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाणों से साबित नहीं होता।
बल्कि शोध यह संकेत देता है कि मानव Y क्रोमोसोम के कई पुराने हिस्सों में जीन लॉस लंबे समय से काफी हद तक रुक चुका है। इसके अलावा, बचे हुए Y क्रोमोसोम जीन महत्वपूर्ण जैविक कार्यों से जुड़े हैं।
इसलिए “दुनिया में पुरुष कम हो जाएंगे” को फिलहाल वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि Y क्रोमोसोम के भविष्य को लेकर एक संभावित लेकिन अप्रमाणित सवाल के रूप में देखना चाहिए।












