
इंस्टाग्राम पर गोलियां चलाकर पुलिस को चुनौती, आखिर कहां छिपा है कल्ली गुर्जर? ग्वालियर-मुरैना में तलाश तेज
ग्वालियर। चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर डकैतों की गतिविधियों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। ग्वालियर और मुरैना पुलिस के लिए सिरदर्द बने कल्ली गुर्जर ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर लाइव फायरिंग का वीडियो साझा कर खुली चुनौती दी है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसके ठिकाने का पता नहीं चल सका था।
नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कल्ली गुर्जर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। वह रील और वीडियो साझा कर रहा है, लेकिन उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाने में पुलिस को परेशानी हो रही है। उसके वीडियो में महेश्वरा मंदिर का जिक्र भी सामने आया है। यह इलाका ग्वालियर-मुरैना सीमा के आसपास बताया गया है। पुलिस ने तिघरा और घाटीगांव से सटे जंगलों में तलाशी अभियान चलाया है।
महेश्वरा मंदिर के पास फायरिंग का वीडियो आया सामने
रिपोर्ट के अनुसार, सामने आए वीडियो में कल्ली गुर्जर फोन पर किसी से बातचीत करता दिखाई देता है। इसके बाद वह कथित तौर पर स्वचालित हथियार से गोलियां चलाता नजर आता है। वीडियो को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और आसपास के जंगलों में तलाशी शुरू की गई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो साझा होना और उसमें दिखाई गई जगह की पहचान अपने आप में आरोपी की मौजूदा लोकेशन की पुष्टि नहीं करता। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि वीडियो से जुड़े सुरागों की जांच कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
करीब एक साल से पुलिस की पकड़ से बाहर
कल्ली गुर्जर पिछले करीब एक साल से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, आठ अक्टूबर 2025 को ग्वालियर के तिघरा क्षेत्र के गुर्जा गांव में गोलीबारी की घटना के बाद उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था। इस घटना में उसके साथी योगी गुर्जर का नाम भी जुड़ा था।
आरोप है कि गोलीबारी के बाद गिरोह ने नौ महीने की गर्भवती अंजू गुर्जर का अपहरण कर लिया था। बाद में उसे लंका पहाड़ के पास छोड़ दिया गया था। इस घटना के बाद से पुलिस कल्ली गुर्जर की तलाश कर रही है।
बताया जाता है कि उसके साथी योगी गुर्जर ने धौलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन कल्ली गुर्जर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
घाटीगांव से मुरैना तक वारदातों के आरोप
कल्ली गुर्जर पर घाटीगांव क्षेत्र में एक ट्रक चालक से कथित तौर पर रंगदारी मांगने और गोलीबारी करने का भी आरोप है। इसके बाद मुरैना में भी गोलीबारी की घटना सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की मुखबिरी के संदेह में हमला किए जाने की बात भी सामने आई थी।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के कारण ग्वालियर और मुरैना पुलिस पर आरोपी को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया है। हालांकि, प्रत्येक घटना में उसकी भूमिका और उससे जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
सोशल मीडिया पर सक्रिय, लेकिन पुलिस को नहीं मिल रहा सुराग
इस मामले का एक अहम पहलू यह है कि कल्ली गुर्जर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर वीडियो और रील साझा कर रहा है। इसके बावजूद पुलिस उसकी सही लोकेशन तक नहीं पहुंच पा रही है।
पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद तिघरा, घाटीगांव और आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। रिपोर्ट में राई और निरपतपुरा जैसे इलाकों का भी जिक्र है, जहां उसके पुराने ठिकाने बताए गए हैं।
मुरैना पुलिस अधीक्षक की ओर से उस पर घोषित इनाम राशि बढ़ाए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, इनाम की मौजूदा राशि की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
क्या चंबल में फिर लौट रहा है डकैतों का दौर?
चंबल का इलाका कभी डकैतों की गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। समय के साथ पुलिस अभियानों और आत्मसमर्पण जैसी कार्रवाइयों से इस क्षेत्र में हालात बदले हैं। ऐसे में कल्ली गुर्जर से जुड़ी घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान से जुड़े सुरागों को जोड़कर उसे गिरफ्तार करना है। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और गोलीबारी के वीडियो कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं।
अब देखना होगा कि इंस्टाग्राम पर कथित फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और कल्ली गुर्जर कब तक कानून के शिकंजे में आता है।












