बस्तर में बाढ़ का बढ़ा खतरा, डूबने वाला है पूरा गांव? जानें पूरा मामला

5 दिन की बारिश से बस्तर में इस साल की सबसे बड़ी बाढ़, इंद्रावती खतरे से ऊपर; बालोद में स्कूल बंद
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने बस्तर संभाग में हालात बिगाड़ दिए हैं। बस्तर ब्लॉक में पिछले पांच दिनों से जारी तेज बारिश के कारण इस साल की सबसे बड़ी बाढ़ की स्थिति बन गई है। ग्राम पंचायत आड़ावाल के आश्रित गांव नारायणपाल में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सामने गांव के डूबने का खतरा बना हुआ है।
नारायणपाल की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं और गांव का आवागमन प्रभावित हो गया है। खेत-खलिहान भी जलमग्न हैं। जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो शुक्रवार शाम तक पूरा गांव पानी की चपेट में आने की आशंका जताई गई है।
इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर
बस्तर में बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर से लगाया जा सकता है। जगदलपुर पुराने पुल पर खतरे का निशान 8.300 मीटर है, जबकि शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे नदी का जलस्तर 9.500 मीटर तक पहुंच गया। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 1.2 मीटर ऊपर बह रही थी।
ओडिशा स्थित खातिगुड़ा बांध के तीन गेट खोले जाने के बाद बस्तर में इंद्रावती का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इंद्रावती की सहायक नदी मोरान के बांध का भी एक गेट खोला गया है।
सड़कें डूबीं, जगदलपुर में भी पानी
लगातार बारिश के कारण जगदलपुर के लालबाग इलाके में भी पानी भर गया है। कई घरों में पानी घुसने की सूचना है। मेडिकल कॉलेज रोड पर भी आवागमन बंद है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जगदलपुर और केशलूर के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है। बीजापुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 पर भी कुछ स्थानों पर बाढ़ का असर बताया गया है।
बालोद में आज सभी स्कूल बंद
भारी बारिश को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। शुक्रवार को होने वाली परीक्षाएं अब 28 सितंबर को उसी समय आयोजित की जाएंगी। लगातार बारिश के बीच बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
बस्तर में नदी का बढ़ता जलस्तर, गांवों में घुसता पानी और बंद होती सड़कें आने वाले घंटों में स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।












