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छत्तीसगढ़ के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, रायपुर में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट’ का आयोजन

विश्व पर्यटन दिवस पर नवा रायपुर में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स जुटे, बीटूबी बैठक में पर्यटन पैकेज और व्यावसायिक साझेदारी पर हुई चर्चा

रायपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने और अधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था।

कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने अध्यक्षता की। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे समेत पर्यटन उद्योग से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, राजिम की धार्मिक पहचान, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन प्रदेश की बड़ी पर्यटन ताकत हैं।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक अवसर और कारीगरों व कलाकारों को बाजार उपलब्ध कराना भी है।

पर्यटन कारोबारियों के बीच बीटूबी बैठक

‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट’ में ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों और अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित की गई। इसमें नए पर्यटन पैकेज तैयार करने, पर्यटकों के समूहों को छत्तीसगढ़ लाने और प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन पर्यटन कारोबारियों को नए बाजारों से जोड़ने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने में मदद करेंगे।

उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में प्रस्तावित पर्यटन विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई सहित विभिन्न शहरों में रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में भागीदारी के जरिए प्रदेश के पर्यटन स्थलों का प्रचार किया गया है।

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने की अपील की।

एआई और डिजिटल तकनीक से बदलेगा पर्यटन का अनुभव

पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रीडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ के पर्यटन की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटकों को जानकारी देने, पर्यटन स्थलों के प्रचार, कंटेंट निर्माण और पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।

प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को सामने रखा गया।

होम-स्टे और डिजिटल बुकिंग पर भी काम

पर्यटन मंडल की ओर से बताया गया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान की गई है।

इसके साथ ही डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट और मोबाइल ऐप को विकसित करने तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से पर्यटन बाजार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज और पर्यटकों के लिए सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाएं भी प्रगति पर हैं।

स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे रोजगार, विकास और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार और आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन पैकेज में बदलने की जरूरत है।

उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश के पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को और बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को दिया गया। वहीं बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स और बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को मिला।

इसके अलावा बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर का पुरस्कार ट्रिपी हिल्स, जशपुर के सौरभ सिंह और बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के मानसिंह को प्रदान किया गया।

बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार अनुपम सिन्हा को दिया गया। डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम को बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर सीटीबी और बारनवापारा के इको हरेली रिसॉर्ट के सुभाष ठाकुर एवं टीम को बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसॉर्ट सीटीबी का पुरस्कार मिला।

सभी पुरस्कारों के साथ 11 हजार रुपये का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

आयोजन में विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और पर्यटन संस्थाओं ने प्रमोशनल स्टॉल लगाए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया। इस आयोजन के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन कारोबार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में नए व्यावसायिक संपर्क बनाने पर जोर दिया गया।

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