अमेरिका को मिल सकता है पहला मुस्लिम सीनेटर, मिशिगन प्राइमरी में अब्दुल अल-सईद ने दर्ज की बड़ी जीत

अमेरिका की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मिशिगन की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में प्रगतिशील नेता अब्दुल अल-सईद ने चार बार की सांसद हेली स्टीवंस को हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। यदि अल-सईद नवंबर 2026 के आम चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराने में सफल रहते हैं, तो वे अमेरिका के 250 वर्षों के इतिहास में चुने जाने वाले पहले मुस्लिम सीनेटर बन जाएंगे।
अब्दुल अल-सईद की जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है। हेली स्टीवंस को पार्टी नेतृत्व और कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त था, जबकि अल-सईद ने स्वयंसेवकों, छोटे दानदाताओं और प्रगतिशील नेताओं के समर्थन के दम पर चुनाव जीता।
अपने चुनाव अभियान में अल-सईद ने सभी के लिए मेडिकेयर, अमीरों पर अधिक कर, राजनीति में कॉर्पोरेट फंडिंग कम करने और इजराइल को अमेरिकी सैन्य सहायता रोकने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गाजा युद्ध को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया।
मिस्र-अमेरिकी मूल के अब्दुल अल-सईद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की है। वे रोड्स स्कॉलर रह चुके हैं और डेट्रॉइट स्वास्थ्य विभाग का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इससे पहले वे 2018 में मिशिगन के गवर्नर पद के लिए भी चुनाव लड़ चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील राजनीति की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत भी है। अब नवंबर का आम चुनाव तय करेगा कि क्या अब्दुल अल-सईद अमेरिकी इतिहास के पहले मुस्लिम सीनेटर बनकर नया रिकॉर्ड कायम कर पाएंगे।












