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पाकिस्तान को नौसेना की गोपनीय जानकारी देने का आरोप,नौसेना जासूसी केस में बड़ा खुलासा!

  सऊदी अरब से लौटे विशाखापत्तनम के शख्स की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

अमरावती। भारतीय नौसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तक पहुंचाने के कथित मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी कादरी श्रीनिवास को सऊदी अरब से भारत लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह इस मामले में लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के बाद नौसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कथित तौर पर लीक किए जाने के मामले ने एक बार फिर ध्यान खींचा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्रीनिवास को 11 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब से दिल्ली पहुंचने पर पकड़ा गया था। इसके बाद 12 अक्टूबर को उसे विशाखापत्तनम की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वह विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल में बंद है।

पिछले साल दर्ज हुआ था नौसेना की जानकारी लीक करने का मामला

इस मामले में पिछले साल अक्टूबर में विशाखापत्तनम कमिश्नरेट के मलकापुरम पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) तक पहुंचाई गई।

शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने बोंगू रवि नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ने पर अधिकारियों को कादरी श्रीनिवास की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए लुक-आउट सर्कुलर जारी किया गया, ताकि विदेश से भारत लौटने पर उसकी पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

एक ही कंपनी में काम करते थे दोनों आरोपी

जांच में सामने आया कि बोंगू रवि और कादरी श्रीनिवास विशाखापत्तनम की एक टीडी इंजीनियरिंग कंपनी में काम करते थे, जो नौसेना के डॉकयार्ड से जुड़े काम करती थी।

पुलिस के अनुसार, मामले में कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ी एक महिला ने फेसबुक पर ‘एंजल पायल’ नाम से रवि से संपर्क किया था। उसने खुद को दुबई की एक शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी में काम करने वाली महिला बताया और धीरे-धीरे रवि का विश्वास हासिल किया।

आरोप है कि संपर्क बढ़ने के बाद महिला ने नौसेना के डॉकयार्ड में मौजूद जहाजों और पनडुब्बियों की जानकारी तथा उनकी तस्वीरें मांगीं। इसके बदले कथित तौर पर बड़ी रकम देने की पेशकश की गई। जांचकर्ताओं ने इस तरीके को हनी ट्रैप से जोड़कर देखा।

जहाजों और पनडुब्बियों की तस्वीरें भेजने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि और श्रीनिवास ने कथित तौर पर महिला को मांगी गई जानकारी और तस्वीरें उपलब्ध कराईं। इसके बदले रवि के बैंक खाते में पैसे जमा किए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि उसने रकम का एक हिस्सा श्रीनिवास के साथ भी साझा किया।

हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और जांच के निष्कर्षों को न्यायिक प्रक्रिया में साबित किया जाना बाकी है। नौसेना से संबंधित संवेदनशील जानकारी के कथित आदान-प्रदान ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

चार्जशीट पहले ही दाखिल, अब आरोपी की गिरफ्तारी

विशाखापत्तनम पुलिस इस मामले में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। श्रीनिवास की गिरफ्तारी उस जांच के बाद हुई, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक नौसेना से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की बात सामने आई थी।

अब जांच का अहम पहलू आरोपियों के बीच संपर्क, कथित वित्तीय लेनदेन और संवेदनशील जानकारियों के आदान-प्रदान से जुड़े तथ्यों को न्यायिक प्रक्रिया में स्थापित करना है। इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नौसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर किस हद तक साझा की गई और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। इसका जवाब जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा।

 

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