होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक थे सवार; खाड़ी में 100 से ज्यादा भारतीय प्रभावित

कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर MT Kazimah III पर हुआ हमला, हमले के पीछे किसका हाथ है अभी साफ नहीं
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट में शुक्रवार को एक व्यावसायिक जहाज पर मिसाइल हमला होने के बाद उसमें सवार पांच भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। ओमान में भारतीय दूतावास ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। भारतीय नाविक कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर MT Kazimah III पर सवार थे।
बताया गया है कि जहाज कच्चा तेल लेकर अफ्रीका की ओर जा रहा था। हमले के बाद नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी, लेकिन सभी पांच भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। फिलहाल हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है।
जहाज पर सवार थे पांच भारतीय
हमले के समय MT Kazimah III पर पांच भारतीय नाविक मौजूद थे। जहाज कच्चे तेल से लदा हुआ था और अफ्रीका की दिशा में जा रहा था।
हमले के बाद भारतीय मिशन ने स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क कर भारतीय नाविकों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद सभी पांचों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई।
होर्मुज में भारतीय नाविकों पर लगातार खतरा
खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक फरवरी से अब तक होर्मुज क्षेत्र में हुए हमलों में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं, जबकि 11 भारतीय नाविकों की मौत की जानकारी सामने आई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने का असर कच्चे तेल और अन्य सामान की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पर भी पड़ सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में हजारों भारतीय नाविक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इससे पहले बताया था कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे व्यावसायिक जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं।
भारत के झंडे वाले छह कमर्शियल जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी हैं, जो भारत के लिए सामान लेकर जा रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविकों के सवार होने की जानकारी दी गई थी।
भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावास स्थानीय एजेंसियों के साथ संपर्क में हैं और जरूरत के अनुसार नाविकों की सुरक्षा तथा उनकी सहायता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भी उठ चुका है मुद्दा
व्यावसायिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भारत संयुक्त राष्ट्र में भी उठा चुका है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं बैठक में समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों को लेकर चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा था कि समुद्र में पैदा हो रहे नए खतरे पहले से मौजूद जमीनी संकटों को और गंभीर बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की मौत को लेकर चिंता जताते हुए खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की थी।
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच बढ़ा तनाव
होर्मुज स्ट्रेट में ताजा हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ईरान की ओर से इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए गए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों वाला बताता रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।
ऐसे में यहां किसी भी जहाज पर हमला या समुद्री यातायात में रुकावट का असर केवल संबंधित जहाज या उसके चालक दल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल ताजा हमले में पांचों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जबकि हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।












