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पुराने कपड़े-जूतों को कचरा न समझें, इन तरीकों से बनाएं पर्यावरण के लिए उपयोगी

नई दिल्ली। घरों में हर साल बड़ी मात्रा में पुराने कपड़े, जूते और अन्य सामान बेकार हो जाता है। अक्सर इस्तेमाल के लायक नहीं रहने पर लोग इन्हें कूड़े में फेंक देते हैं, लेकिन इन वस्तुओं का सही तरीके से पुन: उपयोग या रीसाइक्लिंग किया जाए तो इन्हें लैंडफिल में जाने से बचाया जा सकता है। इसी सोच के साथ भारत में कई संगठन और पहल पुराने सामान को दोबारा उपयोग में लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इनमें GreenSole Foundation का काम खास तौर पर उल्लेखनीय है। संस्था के अनुसार, वह पुराने और त्यागे गए फुटवियर तथा अन्य सामग्री को अपसाइकिल करके जरूरतमंद बच्चों के लिए चप्पल, स्कूल बैग और मैट जैसे उपयोगी सामान तैयार करती है। संस्था के मुताबिक उसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जरूरतों को भी पूरा करना है।

GreenSole के अनुसार, 2016 से उसका मॉडल पुराने फुटवियर और औद्योगिक कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलने पर केंद्रित है। संस्था का दावा है कि उसने लाखों लोगों तक सामाजिक प्रभाव पहुंचाया है और बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान दिया है।

पुराने जूते कैसे दे सकते हैं?

GreenSole के अनुसार, लोग अपने पुराने जूते और फुटवियर संस्था को भेज सकते हैं। संस्था की वेबसाइट पर बताया गया है कि कुछ प्रकार के फुटवियर स्वीकार नहीं किए जाते, इसलिए भेजने से पहले उसके मौजूदा दिशा-निर्देश देखना जरूरी है। संस्था कुछ क्षेत्रीय कलेक्शन सेंटर की सुविधा भी बताती है।

पुराने कपड़ों के लिए NoKasa का मॉडल

पुराने कपड़ों के क्षेत्र में NoKasa जैसी पहल भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, NoKasa पुराने कपड़ों को कलेक्ट कर उन्हें दोबारा उपयोग, अपसाइक्लिंग और रीसाइक्लिंग की दिशा में आगे बढ़ाने पर काम करती है। इसके मॉडल में रेजिडेंशियल कम्युनिटीज में कपड़ों के लिए कलेक्शन बिन और कुछ मामलों में रिवॉर्ड/कैशबैक जैसी व्यवस्था का उल्लेख मिलता है।

हालांकि NoKasa की वर्तमान कलेक्शन सेवा, उपलब्ध क्षेत्र और स्वीकार किए जाने वाले कपड़ों के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए पुराने कपड़े देने से पहले उसकी मौजूदा वेबसाइट या सेवा उपलब्धता की जानकारी जांचना बेहतर रहेगा।

गोबर से इको-फ्रेंडली उत्पाद बना रही Ganga Sutra

रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक अलग तरह की पहल Ganga Sutra Welfare Foundation की है। संस्था के अनुसार, यह Kanpur Ploggers Foundation के Project Nandini के तहत काम करती है और ग्रामीण महिलाओं को टिकाऊ आजीविका से जोड़ने के साथ गोबर तथा प्राकृतिक सामग्री से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करने पर ध्यान देती है।

Ganga Sutra का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के साथ पारंपरिक संसाधनों का उपयोग करके पर्यावरण के प्रति जागरूक उत्पाद तैयार करना है। संस्था शिक्षा, महिला एवं युवा सशक्तिकरण, आजीविका और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में भी काम करने की जानकारी देती है।

पुरानी चीजों को कचरा समझकर न फेंकें

पुराने कपड़े या जूते यदि पहनने योग्य हैं तो उन्हें जरूरतमंद व्यक्ति को देना एक आसान विकल्प है। वहीं, खराब या दोबारा पहनने लायक नहीं रहने वाली वस्तुओं को उचित रीसाइक्लिंग या अपसाइक्लिंग चैनल तक पहुंचाने से कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है।

ऐसी पहलों की मदद से एक तरफ घरों में जमा अनुपयोगी सामान का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे दो महत्वपूर्ण उद्देश्यों को भी जोड़ा जा सकता है।

काम की वेबसाइट और संपर्क पता

GreenSole Foundation
GreenSole Foundation की आधिकारिक वेबसाइट
Registered Address: 1426, Flora Complex, Bhuwana, Udaipur, Rajasthan – 313001
Office: 2455, B-Wing, Rupa Renaissance, Turbe MIDC, Navi Mumbai – 400703

Ganga Sutra Welfare Foundation
Ganga Sutra की आधिकारिक वेबसाइट
पता: 351, Vikas Nagar, Lakhanpur, Kanpur Nagar, Uttar Pradesh – 208024
फोन: +91 94158 78392

NoKasa
NoKasa की वेबसाइट
क्षेत्र: Bengaluru में पुराने कपड़ों के कलेक्शन और सर्कुलर-टेक्सटाइल मॉडल से जुड़ी पहल। उपलब्ध सेवाओं और कलेक्शन की वर्तमान स्थिति वेबसाइट पर जांचना उचित है।

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