
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा सत्याग्रह शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अभी तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे छह छात्रों में से एक की तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य खराब होने के बाद उसे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से सदर अस्पताल ले जाया गया। इसके बावजूद अन्य छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक नहीं रही तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
प्रदर्शन स्थल पर छात्र राष्ट्रभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। छात्रों का दावा है कि आंदोलन में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक नारेबाजी नहीं की गई है और उन्हें राज्य के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी समर्थन मिल रहा है।
वामपंथी संगठनों ने भी किया विधानसभा घेराव का आह्वान
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों ने भी विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसे देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को विधानसभा में उठाया जाएगा और उनके मुद्दों को मजबूती से रखा जाएगा।
अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर है। माना जा रहा है कि इस बातचीत के परिणाम से आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी।












