गंगरेल बांध में बढ़ा खतरा, सभी 14 गेट खोले गए; महानदी में ढाई लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा

लगातार भारी बारिश से लबालब हुआ गंगरेल जलाशय, बढ़ते जलस्तर के बीच निचले इलाकों और महानदी किनारे के गांवों में अलर्ट
धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गंगरेल बांध की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। लगातार पानी की आवक बढ़ने के बाद बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं और बड़ी मात्रा में पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। 25 सितंबर को सुबह 8 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गंगरेल जलाशय 98.14 प्रतिशत भर चुका था। इसके बाद बारिश और आवक बढ़ने से जल निकासी भी काफी बढ़ाई गई।
सभी 14 गेट खुले, बढ़ी पानी की निकासी
25 सितंबर को पहले गंगरेल बांध के 10 गेट खोलकर करीब 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। उस समय जलाशय में करीब 64,117 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई थी। बाद में जलाशय में पानी की आवक और बढ़ने पर सभी 14 गेट खोल दिए गए तथा 2.5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।
इसमें पानी का बड़ा हिस्सा महानदी की ओर छोड़ा जा रहा है। गंगरेल से इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी और उससे जुड़े नदी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
नदी किनारे के गांवों में अलर्ट
बांध से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद धमतरी जिला प्रशासन ने महानदी और अन्य नदी तटों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
धमतरी के दूसरे जलाशय भी लगभग लबालब
गंगरेल के साथ धमतरी जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। 25 सितंबर सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार मुरुमसिल्ली 100 प्रतिशत, दूधावा 97.21 प्रतिशत और सोंढूर 88.18 प्रतिशत तक भर चुके थे। इन जलाशयों से भी पानी की निकासी की जा रही थी।
लगातार बारिश और जलाशयों में बढ़ती आवक को देखते हुए पानी छोड़े जाने की मात्रा आगे भी बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में महानदी और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।












