रायपुर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, एम्स के दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को बांटे स्वर्ण पदक

एम्स रायपुर की उपलब्धियों की सराहना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बताया बदलते छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर
रायपुर, 2 सितंबर 2026। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर बुधवार को रायपुर पहुंचे। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
एम्स रायपुर को बताया बदलते छत्तीसगढ़ का प्रतीक
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
उन्होंने एम्स की एडवांस्ड हेल्थकेयर सुविधाओं, अंग प्रत्यारोपण और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। राज्य में हुए पहले स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उपलब्धियों को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया और कहा कि एम्स रायपुर बदलते छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर को सामने रख रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का किया उल्लेख
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों की पहचान कभी भय, हिंसा और अभाव से होती थी, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
उन्होंने सड़क, स्कूल, अस्पताल, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के विस्तार को विकास की इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, इन बदलावों से स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए चिकित्सा क्षेत्र में सेवा, शोध और नवाचार की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों से चिकित्सा ज्ञान को समाज की सेवा से जोड़ने और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों तथा अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
वीआईपी दौरे के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उपराष्ट्रपति के रायपुर दौरे को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सरोना रिंग रोड से टाटीबंध चौक और एम्स परिसर तक पुलिस बल की तैनाती की गई। रिंग रोड नंबर-1 पर बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया।
एम्स में मरीजों की आवाजाही के लिए बदली व्यवस्था
वीआईपी मूवमेंट के चलते एम्स रायपुर में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही के लिए भी अस्थायी बदलाव किए गए। ओपीडी मरीजों को गेट नंबर-1 और गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया गया, जबकि ट्रामा और इमरजेंसी सेवाओं के लिए गेट नंबर-2 का इस्तेमाल जारी रहा।
रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पहुंचने वाला गेट नंबर-4 वीआईपी मूवमेंट के दौरान बंद रखा गया। गेट नंबर-5 पर भी आम आवाजाही प्रभावित रही। इसके चलते कुछ मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
एम्स रायपुर के प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
2012 में शुरू हुई थीं एम्स की सेवाएं
एम्स रायपुर की आधारशिला वर्ष 2009 में रखी गई थी और संस्थान ने वर्ष 2012 में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। इसके बाद से संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक उपचार, मेडिकल रिसर्च और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
तीसरे दीक्षांत समारोह के माध्यम से एम्स रायपुर ने एक बार फिर चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी बढ़ती भूमिका को सामने रखा।












