
बागपत में स्कूल प्रशासन की शिकायत पर कार्रवाई, युवक ने आरोपों को बताया निराधार और छात्रों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने का दावा किया
बागपत, 2 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सरकारी स्कूल की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना एक युवक को भारी पड़ गया। बिनौली थाना क्षेत्र के माखर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट स्कूल) का वीडियो बनाने वाले रजत सोलंकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि, करीब दो दिन बाद उसे जमानत मिल गई।
प्रधानाध्यापिका ने लगाया गेट तोड़कर प्रवेश करने का आरोप
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका भावना तोमर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रजत सोलंकी स्कूल का गेट तोड़कर परिसर में दाखिल हुआ और विद्यालय के भवन, शौचालय तथा रसोईघर की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
प्रधानाध्यापिका ने यह भी आरोप लगाया कि युवक ने जर्जर भवन पर लगी सील को नुकसान पहुंचाया और वीडियो के जरिए स्कूल तथा शिक्षा विभाग की छवि खराब करने का प्रयास किया।
पुलिस ने शांतिभंग के मामले में की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद बिनौली पुलिस ने रजत सोलंकी को गिरफ्तार किया। उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से शांतिभंग के मामले में उसे जेल भेज दिया गया। करीब दो दिन बाद युवक जमानत पर बाहर आया।
युवक ने आरोपों से किया इनकार
जमानत पर रिहा होने के बाद रजत सोलंकी ने स्कूल प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उसका कहना है कि उसका उद्देश्य स्कूल या शिक्षा विभाग की छवि खराब करना नहीं था, बल्कि विद्यालय की कथित अव्यवस्थाओं को सामने लाकर छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना था।
रजत के मुताबिक, वह छुट्टी के दिन दीवार के रास्ते स्कूल परिसर में गया था। उसने दावा किया कि न तो उसने स्कूल का गेट तोड़ा और न ही किसी सील को नुकसान पहुंचाया। उसका कहना है कि बरसात के मौसम में विद्यालय की स्थिति को देखते हुए संभावित हादसे से पहले प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाना जरूरी था।
बीएसए ने वीडियो को बताया राजनीतिक स्टंट
मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी ने युवक की सोशल मीडिया गतिविधियों को राजनीतिक स्टंट बताया। उनका कहना है कि विद्यालय की स्थिति ठीक है और वीडियो के जरिए स्कूल की गलत तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई।
फिलहाल इस मामले में स्कूल प्रशासन और युवक के दावों में विरोधाभास सामने आ रहा है। एक ओर स्कूल प्रशासन ने युवक पर बिना अनुमति परिसर में प्रवेश कर नुकसान पहुंचाने और संस्थान की छवि खराब करने का आरोप लगाया है, वहीं युवक खुद को छात्रों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाला बता रहा है।
Read more: छत्तीसगढ़ में Gen Alpha का ‘शॉक’, अब स्कूलों की बदहाली पर सड़क पर बच्चे; कई जिलों में गूंज रही आवाज












