रायपुर में साइबर जागृति अभियान: बैंक ग्राहकों को UPI फ्रॉड और डिजिटल ठगी से बचने के बताए तरीके

सेंट्रल जोन के तीन प्रमुख बैंकों में जागरूकता कार्यक्रम, OTP-PIN साझा न करने और साइबर फ्रॉड पर 1930 डायल करने की अपील
रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” एवं “संवाद से समाधान” के तहत अभियान के द्वितीय सप्ताह में बैंक ग्राहकों को डिजिटल और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सेंट्रल जोन, रायपुर कमिश्नरेट द्वारा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से उनके मौजूदा खाताधारकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत आज एसबीआई मुख्य शाखा, टीआई चौक, पीएनबी मुख्य शाखा, जयस्तंभ चौक और एसबीआई मुख्य शाखा, जयस्तंभ चौक में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्राहकों को रोजमर्रा के डिजिटल लेन-देन के दौरान होने वाली साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल और मैसेज, QR कोड के जरिए ठगी, अनजान लिंक और बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की अपील की गई। ग्राहकों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि OTP, UPI PIN, CVV और बैंकिंग पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
इसके साथ ही स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए होने वाली ठगी से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन इंस्टॉल न करें।
साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में पीड़ितों से तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा सके।
पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि बैंक ग्राहकों में सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग की आदत विकसित करना भी है। अभियान के दौरान संदेश दिया गया—“सतर्क ग्राहक, सुरक्षित खाता, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन।”












