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रात में बाथरूम में फिसले संजय गुप्ता, सिर में लगी गंभीर चोट; सुबह आई निधन की खबर

कैसे हुआ संजय गुप्ता का निधन?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई। बताया जा रहा है कि यह घटना रात करीब 2:30 बजे हुई थी।

अगली सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की।

उन्होंने संजय गुप्ता को याद करते हुए लिखा कि वह शानदार कहानीकार, जिंदादिल इंसान और सिनेमा के प्रति जुनून रखने वाले फिल्मकार थे। उनके जाने से फिल्म जगत को बड़ी क्षति हुई है।

‘कांटे’ से मिली अलग पहचान, अंडरवर्ल्ड की कहानियों को पर्दे पर उतारा

संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी अलग तरह की फिल्म निर्माण शैली के लिए पहचाने जाते थे। उन्हें खासतौर पर अपराध, मुंबई अंडरवर्ल्ड और एक्शन आधारित कहानियों के लिए जाना जाता था।

उनकी कुछ चर्चित फिल्में इस प्रकार हैं:

  • आतिश (1994): बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म।

  • जंग (2000): एक्शन और अपराध पर आधारित फिल्म।

  • कांटे (2002): अमिताभ बच्चन और संजय दत्त जैसे कलाकारों से सजी चर्चित फिल्म।

  • मुसाफिर (2004): एक्शन और रोमांच से भरपूर फिल्म।

  • शूटआउट एट वडाला (2013): मुंबई के गैंगस्टर मान्या सुर्वे की कहानी पर आधारित फिल्म।

  • जज्बा (2015): ऐश्वर्या राय बच्चन और इरफान खान की फिल्म।

  • काबिल (2017): ऋतिक रोशन और यामी गौतम अभिनीत फिल्म।

  • मुंबई सागा (2021): मुंबई के अपराध जगत पर आधारित फिल्म।

इन फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलाई।

संजय दत्त के साथ रही खास फिल्मी साझेदारी

संजय गुप्ता और अभिनेता संजय दत्त की जोड़ी ने कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया। दोनों की फिल्मी साझेदारी ने हिंदी सिनेमा में एक्शन और अपराध आधारित फिल्मों को अलग पहचान दिलाई।

‘कांटे’, ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों में इस साझेदारी की झलक देखने को मिली। संजय गुप्ता की फिल्मों में दमदार संवाद, तेज एक्शन और अपराध की दुनिया का चित्रण प्रमुखता से दिखाई देता था।

अशोक पंडित और फिल्म जगत ने जताया दुख

संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत के लोगों ने दुख व्यक्त किया। अशोक पंडित ने उन्हें अपना करीबी दोस्त बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

वहीं अभिनेता और फिल्म समीक्षक कमाल आर खान ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें याद किया। उन्होंने लिखा कि संजय गुप्ता से लगभग हर दूसरे दिन फिल्मों और बॉलीवुड को लेकर बातचीत होती थी।

तीन दशक से ज्यादा का फिल्मी सफर, पीछे छोड़ गए यादगार फिल्में

संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म ‘आतिश’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद करीब तीन दशकों तक उन्होंने निर्देशन, लेखन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में काम किया।

उनकी आखिरी फिल्मों में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ शामिल है, जो 2025 में रिलीज हुई थी।

उनके निधन से हिंदी फिल्म जगत ने एक ऐसे फिल्मकार को खो दिया, जिसने अपराध और एक्शन फिल्मों को अपनी अलग शैली में दर्शकों के सामने पेश किया।

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