IIT भिलाई में ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं से मांगे यातायात सुधार के नए आइडिया

AI, IoT, स्मार्ट सिग्नल से लेकर पार्किंग और सड़क सुरक्षा तक 6 विषयों पर दे सकेंगे समाधान; 17 सितंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन और आइडिया सबमिशन
रायपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से आयोजित किए जा रहे ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 को लेकर IIT भिलाई में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं को हैकाथॉन से जोड़ना तथा शहर की वास्तविक यातायात समस्याओं के लिए तकनीक आधारित नए और व्यावहारिक समाधान सामने लाना है।
यह पहल पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला की परिकल्पना और डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में की जा रही है। यातायात पुलिस का मानना है कि शहर की बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और बदलती यातायात जरूरतों के बीच केवल पारंपरिक व्यवस्थाओं के सहारे ट्रैफिक को बेहतर बनाना पर्याप्त नहीं है। ऐसे में तकनीक, डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और युवाओं के नवाचार का उपयोग करके यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
IIT भिलाई में विद्यार्थियों को दी गई हैकाथॉन की जानकारी
IIT भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के डायरेक्टर डॉ. राजीव प्रकाश, डीन श्री संतोष विश्वास, चीफ टेक्निकल ऑफिसर श्री अविजित महतो सहित दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की अवधारणा, उद्देश्य, विषय-वस्तु, सहभागिता की प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया के बारे में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यातायात की समस्याओं को केवल सामान्य नजरिए से न देखें, बल्कि उन्हें तकनीकी और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझते हुए ऐसे समाधान तैयार करें जिन्हें भविष्य में वास्तविक परिस्थितियों में लागू किया जा सके।
‘Our City | Our Roads | Our Ideas’ है हैकाथॉन की थीम
ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की थीम “Our City | Our Roads | Our Ideas” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों, इंजीनियरों, अर्बन प्लानर्स, स्टार्टअप्स, एनजीओ और आम नागरिकों के विचारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल तकनीकी संस्थानों तक इस पहल को सीमित रखना नहीं है। इसके जरिए ऐसे सभी लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की यातायात समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए नए विचार रखते हैं।
समस्या बताने के साथ समाधान भी देना होगा
एसीपी ट्रैफिक श्रीमती स्नेहिल साहू ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल किसी यातायात समस्या की पहचान करके अपना प्रस्ताव समाप्त न करें। इसके बजाय समस्या के कारण, संभावित समाधान, तकनीकी जरूरत, लागत, उपयोगिता और भविष्य में उसे लागू करने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने आइडिया तैयार करें।
उन्होंने कहा कि युवाओं की तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और नवाचार शहर की यातायात व्यवस्था को स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हैकाथॉन के जरिए विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
हैकाथॉन में 6 प्रमुख विषय
ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 में प्रतिभागियों के लिए यातायात व्यवस्था से जुड़े छह प्रमुख विषय निर्धारित किए गए हैं। प्रतिभागी इनमें से एक या एक से अधिक विषयों पर अपने आइडिया और समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।
1. ट्रैफिक इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन
चौराहों, सड़कों और यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए नए इंजीनियरिंग समाधान, ट्रैफिक फ्लो मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी उपायों पर आइडिया प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
2. पार्किंग प्रबंधन
शहर में पार्किंग की समस्या को कम करने, उपलब्ध पार्किंग स्थानों की बेहतर जानकारी देने और स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था विकसित करने से जुड़े समाधान आमंत्रित किए गए हैं।
3. सड़क सुरक्षा एवं ट्रैफिक नियंत्रण
दुर्घटनाओं को कम करने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने वाले तकनीकी एवं व्यवहारिक मॉडल प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
4. सार्वजनिक परिवहन का एकीकरण
बस सहित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अलग-अलग परिवहन साधनों के बेहतर एकीकरण के लिए नए विचार प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
5. गैर-मोटर चालित परिवहन
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक व्यवस्था विकसित करने, पैदल मार्ग और साइकिल ट्रैक को बेहतर बनाने से जुड़े समाधान भी हैकाथॉन का हिस्सा होंगे।
6. ट्रैफिक प्रबंधन में AI/IoT का उपयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सेंसर, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट तकनीकों के जरिए यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने वाले मॉडल और आइडिया प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
अकेले या टीम के साथ कर सकते हैं भागीदारी
ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 में प्रतिभागी व्यक्तिगत या टीम के रूप में हिस्सा ले सकते हैं। इसमें विद्यार्थी, इंजीनियर, अर्बन प्लानर, स्टार्टअप, एनजीओ और आम नागरिक भी भाग ले सकते हैं।
प्रतिभागियों को अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुसार एक या एक से अधिक विषयों पर समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। इससे तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी अपनी विशेषज्ञता यातायात व्यवस्था के सुधार में लगाने का मौका मिलेगा।
17 अगस्त से 17 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन
ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के लिए रजिस्ट्रेशन और आइडिया सबमिशन की प्रक्रिया 17 अगस्त से 17 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। प्रतिभागी Google Form के माध्यम से अपने प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रस्ताव के साथ जरूरत के अनुसार फोटो, वीडियो, मैप या अन्य आवश्यक सामग्री भी जमा की जा सकती है। यातायात पुलिस की ओर से उत्कृष्ट और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और सम्मान प्रदान किया जाएगा।
विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी समाधानों में रुचि
IIT भिलाई में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्मार्ट सिटी से जुड़े कई विषयों में रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिग्नल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित ट्रैफिक विश्लेषण, पार्किंग मैनेजमेंट, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन जैसे विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल शहर की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए करें। ऐसे मॉडल तैयार किए जाएं जिन्हें केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जरूरत पड़ने पर वास्तविक यातायात व्यवस्था में लागू किया जा सके।
पुलिस और तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग पर जोर
रायपुर यातायात पुलिस की इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पुलिस और तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ाना भी है। यातायात से जुड़ी समस्याओं को जमीनी स्तर पर पुलिस बेहतर तरीके से समझती है, जबकि तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी और विशेषज्ञ उनके लिए डेटा, सॉफ्टवेयर, AI, IoT और अन्य तकनीकों पर आधारित समाधान विकसित कर सकते हैं।
हैकाथॉन के माध्यम से इन दोनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था के लिए नए प्रयोग और तकनीकी मॉडल विकसित किए जा सकते हैं।
नागरिकों से भी भागीदारी की अपील
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक हैकाथॉन केवल इंजीनियरिंग विद्यार्थियों या तकनीकी विशेषज्ञों के लिए ही नहीं है। आम नागरिक भी शहर की यातायात समस्याओं को लेकर अपने उपयोगी और व्यवहारिक सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।
रायपुर में पार्किंग, ट्रैफिक जाम, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन, साइकिल ट्रैक, चौराहों का प्रबंधन और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर रोजाना नागरिकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जमीनी अनुभव रखने वाले नागरिकों के सुझाव भी इस पहल के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर का प्रयास है कि पुलिस, तकनीकी संस्थानों, युवाओं, विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स और नागरिकों को एक साथ लाकर शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के नए और स्थायी समाधान विकसित किए जाएं।
रायपुर यातायात पुलिस ने अधिक से अधिक युवाओं और तकनीकी संस्थानों से ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 में भाग लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि “Our City | Our Roads | Our Ideas” की भावना के साथ आने वाले नए विचार रायपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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