
सुबह 8:30 बजे हुआ हादसा, 150 मीटर नीचे गिरी कार
घटना शनिवार 14 फरवरी 2026 की सुबह की है। किन्नौर जिले के टापरी-जानी संपर्क मार्ग पर पांच लोग कार में सवार होकर टापरी से जानी गांव की ओर जा रहे थे।
कार जैसे ही टापरी से कुछ दूरी पर स्थित एक टावर के पास पहुंची, चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार सड़क से करीब 150 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे की आवाज और घटना देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद खाई से चार शवों और घायल चालक को बाहर निकाला गया।
मां-बेटे समेत चार लोगों की मौके पर मौत
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है:
| मृतक का नाम | उम्र | परिचय |
|---|---|---|
| कृष्णा | 42 वर्ष | पत्नी नरेश कुमार |
| हिमेश कुमार | 19 वर्ष | कृष्णा का बेटा |
| सुषमा | 47 वर्ष | निचार निवासी |
| इंद्र लाल | 30 वर्ष | चालक का छोटा भाई |
कृष्णा और हिमेश मां-बेटे थे। वहीं सुषमा परिवार की ननद थीं। चारों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
कार चालक विद्या कृष्ण (32 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जेएसडब्ल्यू अस्पताल टापरी पहुंचाया गया।
सड़क पर नहीं थे क्रैश बैरियर और पैरापिट
इस हादसे के बाद टापरी-जानी संपर्क मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब छह किलोमीटर लंबी इस पहाड़ी सड़क पर कई जगह सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़क किनारे न तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं और न ही पैरापिट की समुचित व्यवस्था है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क के खतरनाक हिस्सों में सुरक्षा बैरियर होते तो दुर्घटना की गंभीरता कम हो सकती थी। उन्होंने सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।
शिवरात्रि की तैयारियों के बीच गांव में पसरा मातम
हादसा शिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले हुआ। जानी गांव में लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन दुर्घटना की खबर पहुंचते ही पूरे गांव में शोक छा गया।
मृतक कृष्णा के पति नरेश कुमार और उनके तीन बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ही परिवार के मां-बेटे की मौत से गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। कृष्णा, हिमेश और इंद्र लाल का अंतिम संस्कार टापरी श्मशानघाट में किया गया, जहां एक साथ तीन चिताएं जलीं। वहीं सुषमा का अंतिम संस्कार निचार में किया गया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जताया दुख
हादसे पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की। साथ ही घायल चालक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मृतकों के परिवारों को 25 हजार, घायल को 10 हजार रुपये की मदद
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि जारी की गई।
भावानगर के एसडीएम नारायण चौहान के मुताबिक:
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मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये।
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घायल व्यक्ति को 10 हजार रुपये।
की फौरी राहत दी गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार चालक का वाहन से नियंत्रण खोना दुर्घटना की वजह बना। हालांकि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों में
किन्नौर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी और खतरनाक सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा होता है। ऐसे में सड़क किनारे क्रैश बैरियर, पैरापिट और चेतावनी संकेत दुर्घटनाओं के दौरान जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के लिए कितनी और दुर्घटनाओं का इंतजार किया जाएगा?












