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वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष का बड़ा दांव, राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी!

कांग्रेस की रैली के बीच INDIA गठबंधन की नई रणनीति, राष्ट्रपति मुर्मू को सौंप सकता है सबूत

चुनाव आयोग पर कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज होता जा रहा है। कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन अब इस मुद्दे को दिल्ली से बाहर देश के दूसरे राज्यों तक ले जाने की तैयारी में है। इसी बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गठबंधन के नेताओं की दोबारा मुलाकात की अटकलें भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, विपक्ष राष्ट्रपति को कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत सौंपना चाहता है। हालांकि, मुलाकात को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दोबारा मिल सकता है विपक्ष

INDIA गठबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से एक बार फिर मुलाकात करने की कोशिश कर सकते हैं। इस मुलाकात का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों से जुड़े दस्तावेज और सबूत राष्ट्रपति के सामने रखना बताया जा रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। गठबंधन के नेता चाहते हैं कि इन शिकायतों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया जाए। हालांकि, राष्ट्रपति से मुलाकात की तारीख और प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं के नाम अभी सामने नहीं आए हैं।

दिल्ली से निकलकर दूसरे राज्यों तक पहुंचेगा आंदोलन

विपक्षी गठबंधन अब अपने विरोध प्रदर्शन को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखना चाहता। सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन इस आंदोलन को देश के दूसरे राज्यों में भी फैलाने की योजना बना रहा है।

इसमें गठबंधन के अलग-अलग सहयोगी दल अपने-अपने राज्यों में विरोध प्रदर्शन की कमान संभाल सकते हैं। इससे चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

इस पूरे विवाद की प्रमुख वजह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के आरोप हैं। INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच मिलीभगत है। वहीं भाजपा विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करती रही है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है।

9 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन तक निकाला था मार्च

इससे पहले 9 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला था। इसके बाद गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।

ज्ञापन में विपक्ष ने कई मांगें रखी थीं। इनमें शामिल थीं:

  • पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग।

  • मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर रोक लगाने की मांग।

  • मतदान में फिर से मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग।

अब आगे क्या होगा?

विपक्ष की अगली रणनीति राष्ट्रपति से संभावित मुलाकात और राज्यों में आंदोलन के विस्तार पर निर्भर करेगी। यदि राष्ट्रपति को दोबारा ज्ञापन सौंपा जाता है, तो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो सकता है।

फिलहाल राष्ट्रपति से मुलाकात की अटकलें हैं, आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में INDIA गठबंधन की ओर से होने वाली घोषणाओं पर सबकी नजर रहेगी।

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