बिना OTP खाते से निकले 50 हजार रुपये, धमतरी में उपभोक्ता आयोग ने बैंक को लौटाने का दिया आदेश

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में साइबर ठगी से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने एचडीएफसी बैंक की धमतरी शाखा को खाताधारक के खाते से बिना जानकारी निकाली गई 50 हजार रुपये की राशि वापस करने का आदेश दिया है। बैंक को इस रकम पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मानसिक पीड़ा और वाद व्यय की राशि भी देनी होगी। मामले की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से होती है।
बिना जानकारी खाते से हुआ 50 हजार रुपये का लेनदेन
मामला धमतरी जिले के भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम जुनवानी निवासी 52 वर्षीय नेकराम साहू से जुड़ा है। उनका खाता एचडीएफसी बैंक की धमतरी शाखा में संचालित है। 4 जनवरी 2026 को उनके खाते से 50 हजार रुपये का ऐसा लेनदेन हुआ, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
नेकराम साहू का कहना था कि उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा नहीं किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर शिकायत की।
इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने के साथ पुलिस अधीक्षक धमतरी, संबंधित थाना और बैंक को भी लिखित शिकायत दी। बैंक से समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया।
बैंक ने ग्राहक की लापरवाही का दिया तर्क
सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से लेनदेन को थर्ड पार्टी ट्रांसफर बताते हुए ग्राहक की संभावित लापरवाही और ओटीपी के जरिए लेनदेन स्वीकृत होने का तर्क दिया गया।
आयोग ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दलीलों की जांच की। मामले में बैंक के पास उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों और तकनीकी जानकारी से जुड़े साक्ष्यों को भी देखा गया। इसके बाद आयोग ने परिवादी के आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बैंक को विवादित रकम लौटाने का आदेश दिया।
50 हजार के साथ ब्याज और मुआवजा भी देना होगा
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्रही, सदस्य रूपा शर्मा और सदस्य अरविंद सिंह परिहार की पीठ ने 22 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया।
आदेश के अनुसार बैंक को 45 दिनों के भीतर नेकराम साहू को 50 हजार रुपये लौटाने होंगे। इस राशि पर 17 मार्च 2026 से भुगतान किए जाने तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
इसके अलावा आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए 7 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है। यानी बैंक को मूल 50 हजार रुपये के अलावा ब्याज और कुल 12 हजार रुपये अतिरिक्त भी देने होंगे।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
आयोग के सदस्य अरविंद सिंह परिहार ने बैंक ग्राहकों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बैंक खाते से मोबाइल नंबर लिंक रखना चाहिए, ताकि प्रत्येक लेनदेन की सूचना तत्काल मोबाइल पर मिल सके।
उन्होंने ग्राहकों से समय-समय पर ई-केवाईसी अपडेट कराने और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की।
यदि खाते से कोई अनधिकृत लेनदेन हो जाए तो ग्राहक को तुरंत बैंक को इसकी जानकारी देने के साथ साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए।












