chhattisgarhCrimeLatest

रायपुर में अनाथ किशोरी से दुष्कर्म, बड़े पिता और जीजा को 20-20 साल की सजा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो अदालत ने पीड़िता के बड़े पिता और जीजा को दोषी ठहराते हुए दोनों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अच्छेलाल काछी की अदालत ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया। साथ ही, पीड़िता के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सात लाख रुपये प्रतिकर देने की अनुशंसा की गई है।

माता-पिता की मौत के बाद रिश्तेदार के घर रह रही थी किशोरी

अभियोजन के अनुसार, माता-पिता की मौत के बाद किशोरी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में अपने बड़े पिता के घर रह रही थी। आरोप है कि जुलाई 2022 में बड़े पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद मध्य प्रदेश के रीवा से आने वाले उसके जीजा पर भी किशोरी के साथ लगातार दुष्कर्म करने का आरोप लगा। दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में मामला चला।

गर्भवती होने पर भाई को बताई आपबीती

अभियोजन के मुताबिक, दोनों आरोपियों के शोषण के कारण किशोरी गर्भवती हो गई। मई 2024 में उसने अपने सगे भाई को पूरी घटना बताई। इसके बाद भाई की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान पीड़िता का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में उसके 10 सप्ताह से अधिक की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

अदालत ने सुनाई 20-20 साल की सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें 20-20 साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

इसके अलावा, पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सात लाख रुपये प्रतिकर देने की अनुशंसा की गई है। इसका उद्देश्य पीड़िता के पुनर्वास में सहायता करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button