छत्तीसगढ़ के गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, ₹3,942 करोड़ का BharatNet प्रोजेक्ट;

11,682 पंचायतों और 8,328 गांवों को मिलेगा फायदा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य में Amended BharatNet Programme के तहत करीब ₹3,942 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस योजना के जरिए राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों को बेहतर ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इसके अलावा 8,328 गांवों में मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अंतिम छोर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाना है, ताकि गांवों के लोगों को ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और दूसरी डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
11,682 ग्राम पंचायतों में होगा नेटवर्क विस्तार
BharatNet के नए विस्तार में छत्तीसगढ़ की कुल 11,682 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें पहले चरण की 4,048 ग्राम पंचायतों के मौजूदा नेटवर्क को लीनियर नेटवर्क से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा। इसका उद्देश्य नेटवर्क को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाना है।
इसके अलावा परियोजना के तहत दूसरे चरण की 5,964 ग्राम पंचायतों और राज्य में हाल में बनी 1,670 नई ग्राम पंचायतों को भी नेटवर्क विस्तार का लाभ मिलेगा।
8,328 गांवों में मांग के आधार पर कनेक्टिविटी
सिर्फ ग्राम पंचायत स्तर तक नेटवर्क पहुंचाने के बजाय योजना का दायरा गांवों तक बढ़ाया गया है। इसके तहत 8,328 गांवों में ऑन-डिमांड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है।
इसका मतलब है कि जिन गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत होगी, वहां मांग के आधार पर नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है जहां अभी इंटरनेट सुविधा सीमित है।
3 लाख से ज्यादा ग्रामीण घरों को मिल सकता है फाइबर कनेक्शन
इस परियोजना से सिर्फ सरकारी संस्थानों को ही फायदा नहीं मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र की वित्तीय सहायता से 3 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अगर यह नेटवर्क विस्तार निर्धारित तरीके से लागू होता है तो ग्रामीण परिवारों के लिए इंटरनेट केवल मोबाइल डेटा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घर तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
किन सेवाओं में होगा फायदा?
ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क मजबूत होने से कई क्षेत्रों में सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन शिक्षा: गांवों के विद्यार्थी ऑनलाइन क्लास, डिजिटल पाठ्य सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
टेलीमेडिसिन: दूरदराज के मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श ले सकेंगे।
ई-गवर्नेंस: सरकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
डिजिटल भुगतान: ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।
रोजगार और कारोबार: इंटरनेट के जरिए ग्रामीण युवा ऑनलाइन रोजगार, फ्रीलांसिंग और ई-कॉमर्स जैसी गतिविधियों से जुड़ सकते हैं।
किन संस्थाओं के बीच हुआ समझौता?
इस परियोजना को राज्य में लागू करने के लिए केंद्र और छत्तीसगढ़ से जुड़ी कई संस्थाएं साथ काम करेंगी। Digital Bharat Nidhi (DBN), दूरसंचार विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार, Chhattisgarh State BharatNet Infrastructure Limited (CSBIL), BSNL और CHiPS के बीच परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर समझौता हुआ है।
समझौते का उद्देश्य राज्य में BharatNet के काम को तेजी से आगे बढ़ाना और जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों से आगे गांवों और ग्रामीण परिवारों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और वन क्षेत्रों में फैला हुआ है। कई इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों और कम आबादी के कारण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में BharatNet का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
₹3,942 करोड़ के इस निवेश से यदि निर्धारित लक्ष्य पूरे होते हैं तो हजारों ग्राम पंचायतों और हजारों गांवों में इंटरनेट की पहुंच मजबूत होगी। इससे सरकारी सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और रोजगार के क्षेत्र में भी ग्रामीण आबादी को नई सुविधाएं मिल सकती हैं।












