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देशभर में मौसम का बड़ा उलटफेर: छत्तीसगढ़ में इंद्रावती ने तोड़ा 53 साल का रिकॉर्ड, राजस्थान में ओले तो यूपी में सितंबर में छाया कोहरा

बस्तर में बाढ़ के बीच 833 लोगों का रेस्क्यू, राजस्थान में बारिश-ओलावृष्टि से बदला मौसम; यूपी में मानसून की विदाई के बीच घना कोहरा

 

रायपुर/जयपुर/लखनऊ। सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगातार बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि हुई, जबकि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सितंबर के अंत में ही घना कोहरा देखने को मिला। मौसम के इस बदलाव से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बस्तर में इंद्रावती का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर

छत्तीसगढ़ के बस्तर में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी उफान पर है। जगदलपुर में नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंच गया, जो उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार पिछले करीब पांच दशकों का सबसे अधिक स्तर है। इससे पहले 9 जुलाई 1973 को 12.18 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। इस तरह नया स्तर पुराने रिकॉर्ड से करीब 21 सेंटीमीटर अधिक है। नदी का खतरे का स्तर 8.30 मीटर बताया गया है।

बाढ़ के कारण जगदलपुर और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई तटीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ। प्रशासन और बचाव दलों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया।

833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

प्रशासन के मुताबिक राहत और बचाव अभियान के दौरान 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें 821 लोगों को नावों के जरिए निकाला गया, जबकि डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट किया गया।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 65 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में करीब 8,894 लोग रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राजस्थान में बारिश के साथ ओले

राजस्थान में भी सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में बारिश हुई। जयपुर, बीकानेर और चूरू समेत कुछ इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि की खबर सामने आई है। चूरू के सुजानगढ़ और बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरने की रिपोर्ट है।

मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को रात के समय हल्की ठंड का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर तक कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है, जबकि इसके बाद राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने की संभावना है।

यूपी में सितंबर के अंत में दिसंबर जैसी ठंड का अहसास

उत्तर प्रदेश में भी बारिश के बाद मौसम अचानक बदल गया है। बदायूं में मंगलवार सुबह घना कोहरा देखने को मिला। कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। बारिश के बाद तापमान में गिरावट से लोगों को सितंबर के आखिरी दिनों में ही ठंडक महसूस हुई।

अमेठी और रामपुर समेत पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी सुबह धुंध और कोहरे का असर देखने को मिला। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां कम होने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

यूपी से मानसून की विदाई शुरू

उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। 29 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी की रेखा मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ समेत उत्तर-पश्चिम भारत के हिस्सों से गुजर रही थी। इसके साथ प्रदेश में मानसूनी बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार सितंबर के आखिरी दिनों के बाद यूपी में मौसम अधिकतर शुष्क रहने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

तीन राज्यों में तीन अलग तस्वीर

सितंबर के अंतिम सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के तीन अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड बाढ़, राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और ओलावृष्टि, जबकि उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच कोहरा और ठंडक ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

बस्तर में फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की है, जहां प्रशासन राहत शिविरों के जरिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने में जुटा है।

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