नाना पाटेकर को ऐसी विदाई, खुद जुटाई लकड़ियों से हुआ अंतिम संस्कार; जानें पूरी खबर

नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार की कहानी ने भावुक किया, बेटे मल्हार ने बताई आधी रात की वजह
मनोरंजन डेस्क। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बीच उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी एक खास बात चर्चा में है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार उनकी ही जुटाई हुई लकड़ियों से किया गया, जिन्हें उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपने अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा किया था। अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि आखिर उन्हें आधी रात में विदाई क्यों देनी पड़ी।
अपनी अंतिम विदाई की तैयारी पहले ही कर ली थी
रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर ने वर्ष 2013 में एक साक्षात्कार के दौरान बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां पहले से जुटाकर रखी थीं। उन्होंने कहा था कि अंतिम संस्कार में लगभग 12 मन लकड़ियों की जरूरत होगी और यही उनकी अंतिम संपत्ति होगी, जिसके साथ वह दुनिया से विदा लेंगे।
नाना की इस सोच को उनके जीवन के सादगी भरे नजरिए से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके अंतिम संस्कार में उन्हीं लकड़ियों का इस्तेमाल किए जाने की बात ने इस विदाई को और खास बना दिया।
आधी रात में क्यों हुआ अंतिम संस्कार?
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने बताया कि परिवार गोवा में था और अभिनेता के पार्थिव शरीर को गांव स्थित फार्महाउस लाया जाना था। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन रास्ते में समय लग गया। नाना का निधन सुबह जल्दी हुआ था और काफी समय बीत चुका था। ऐसे में पार्थिव शरीर को अधिक देर तक रखना उचित नहीं समझा गया। इसी वजह से सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
बेटे मल्हार ने कही दिल छू लेने वाली बात
मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे व्यक्ति अपने काम और उपलब्धियों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहते थे और उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही परिवार की जिम्मेदारी है।
अंतिम विदाई में कौन-कौन हुआ शामिल?
रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में बड़े फिल्मी सितारों में अभिनेता जैकी श्रॉफ नजर आए। इसके अलावा निर्देशक प्रवीण तरडे, निर्माता साजिद नाडियाडवाला और निर्देशक अनिल शर्मा सहित कई हस्तियां मौजूद रहीं। महाराष्ट्र के कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अंतिम विदाई में हिस्सा लिया।
नाना पाटेकर की अंतिम विदाई से जुड़ी यह जानकारी उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाती है, जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी भी पहले से कर रखी थी। उनके बेटे के शब्दों में, किसी व्यक्ति के विचार और उसके काम ही उसे लंबे समय तक लोगों के बीच जीवित रखते हैं।












