40 साल से कम उम्र में बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, कोरोना के बाद युवाओं में ढाई गुना बढ़े मामले

रायपुर मेडिकल कॉलेज की रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा, ACS मरीजों में युवाओं की हिस्सेदारी 8.29% से बढ़कर 20.85% हुई
रायपुर। हार्ट अटैक को लंबे समय से उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब युवाओं में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभाग की रिसर्च में 40 साल या उससे कम उम्र के मरीजों में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम (ACS) के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 में कुल ACS मरीजों में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के मरीजों की हिस्सेदारी 8.29 प्रतिशत थी। 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 20.85 प्रतिशत हो गया। यानी इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी ढाई गुने से अधिक बढ़ी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता मोटापा, धूम्रपान, तंबाकू और नशीले पदार्थों का सेवन, खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव जैसे कारक युवाओं में हृदय संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं। सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, असामान्य पसीना, चक्कर या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।












