chhattisgarhLatestPolitical

E20 पेट्रोल विवाद पर भूपेश बघेल का पलटवार, बोले- ‘भाजपा नेताओं का होश ठिकाने नहीं’, जनार्दन मिश्रा के बयान पर साधा निशाना

E20 पेट्रोल पर सियासी घमासान तेज, भूपेश बघेल ने जनार्दन मिश्रा के बयान पर किया पलटवार

E20 पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के एक बयान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा पलटवार किया है। मिश्रा ने E20 का विरोध करने वालों पर टिप्पणी करते हुए पूछा था कि अगर केवल शुद्ध पेट्रोल चाहिए तो वह कहां से आएगा। इसके बाद बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर जनता शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रही है तो इसका जवाब भाजपा नेताओं को देना चाहिए।

E20 विवाद पर भूपेश बघेल का पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतना ही है तो अपने बाप के घर से शुद्ध पेट्रोल ले आएं।

बघेल ने कहा कि जब जनता किसी मुद्दे पर सवाल उठा रही है तो उस सवाल का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच भाजपा नेताओं के बयानों पर सवाल खड़े किए।

जनार्दन मिश्रा ने क्या कहा था?

रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने रीवा एयरपोर्ट पर एक कार्यक्रम के दौरान E20 पेट्रोल का विरोध करने वालों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध कर रहे हैं और केवल शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रहे हैं।

इसी दौरान उन्होंने सवाल किया था कि ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’ उनका बयान सामने आने के बाद E20 को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

मिश्रा रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति और भारत की तेल जरूरतों को लेकर अपनी बात रखी।

80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करने का दिया तर्क

जनार्दन मिश्रा ने E20 के समर्थन में भारत की पेट्रोलियम जरूरतों और कच्चे तेल के आयात का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल ही देश में पैदा करता है, जबकि करीब 80 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करना पड़ता है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण देश की तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है।

ब्राजील का उदाहरण देकर E20 का बचाव

भाजपा सांसद ने E20 के समर्थन में ब्राजील का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील में बड़े पैमाने पर एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है और वहां वाहन एथेनॉल मिश्रित ईंधन से चल रहे हैं।

उन्होंने ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और मैकेनिकों का हवाला देते हुए दावा किया कि एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को नुकसान नहीं होता।

E20 को लेकर विपक्ष के सवाल

पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण की नीति को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। विपक्ष का तर्क है कि E20 ईंधन का असर कुछ पुराने वाहनों के माइलेज और इंजन के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

वहीं, केंद्र सरकार और E20 के समर्थकों का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा इससे एथेनॉल उत्पादन से जुड़े किसानों और घरेलू जैव ईंधन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जाती है।

बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी

जनार्दन मिश्रा के बयान और उसके बाद भूपेश बघेल के पलटवार ने E20 पेट्रोल के तकनीकी और आर्थिक मुद्दे को राजनीतिक बहस में बदल दिया है। एक तरफ E20 को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आयात घटाने से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके वाहनों के माइलेज, इंजन और उपभोक्ताओं पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अब रीवा सांसद के बयान पर बघेल की प्रतिक्रिया के बाद E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button