छत्तीसगढ़ में जल-मृदा संरक्षण की नई पहल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने 5 हजार सीड बॉल का किया बीजारोपण

छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के साथ जल और मृदा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सीड बॉल अभियान को गति दी जा रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम छुहीपाली में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अभियान में शामिल होकर 5 हजार सीड बॉल का बीजारोपण किया। इसके साथ ही नवनिर्मित डबरी की मेड़ पर 30 पौधे भी लगाए गए।
जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य खाली और दुर्गम जमीनों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पौधों की संख्या बढ़ाना है। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजना और बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
क्या है सीड बॉल तकनीक?
सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण की एक सरल तकनीक है। इसमें मिट्टी, खाद और विभिन्न पौधों के बीजों को मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां तैयार की जाती हैं। इन्हें सूखाने के बाद खाली जमीन, पहाड़ी ढलानों या ऐसे स्थानों पर डाला जाता है जहां सामान्य तरीके से पौधारोपण करना मुश्किल होता है।
बारिश होने पर सीड बॉल की मिट्टी नमी के संपर्क में आकर धीरे-धीरे घुलती है और उसमें मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप लेने लगते हैं। इस तकनीक के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में भी प्राकृतिक हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
5 हजार सीड बॉल का हुआ बीजारोपण
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने छुहीपाली के पठारी क्षेत्र में 5 हजार सीड बॉल का वृहद बीजारोपण किया। उन्होंने नवनिर्मित डबरी की मेड़ पर 30 पौधों का रोपण भी किया।
इस दौरान मंत्री ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना और भूजल स्तर को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार सीड बॉल बीजारोपण के साथ स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण जल और मृदा संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
2,400 कंटूर ट्रेंच से पानी और मिट्टी का संरक्षण
ग्राम पंचायत छुहीपाली के करीब दो हेक्टेयर पहाड़ी ढलान वाले क्षेत्र में 5.60 लाख रुपये की लागत से स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक यहां 2,400 ट्रेंच बनाए जा चुके हैं।
इन ट्रेंच का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र से बारिश के दौरान तेजी से बहने वाले पानी की गति को कम करना है। इससे पानी को जमीन में अधिक समय तक रोकने, भूजल स्तर बढ़ाने और मिट्टी के कटाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहाड़ी क्षेत्र में तालाब का निर्माण पूरा
पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए एक नए तालाब का निर्माण भी पूरा किया गया है। प्रशासन के अनुसार यह जल संरचना क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर जल संकट को कम करने में सहायक हो सकती है।
सीड बॉल, कंटूर ट्रेंच और तालाब निर्माण जैसी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर जल संरक्षण के साथ-साथ हरियाली बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की इन गतिविधियों का लाभ केवल प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है। बारिश के मौसम में सीड बॉल तैयार करने, बीजारोपण, ट्रेंच निर्माण और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
इस अभियान में बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी भी रही। इससे महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामुदायिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है।
महिलाओं और बच्चों से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मंत्री टंक राम वर्मा ने स्थानीय महिलाओं से बातचीत कर महतारी वंदन योजना की राशि के नियमित भुगतान की जानकारी ली। महिलाओं ने योजना के तहत राशि मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
मंत्री ने क्षेत्र के बच्चों से भी बातचीत की और उनके नाम, शिक्षा तथा स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी ली।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, बिहान समूह की महिला सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।











