
मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान बदलते तापमान, नमी और संक्रमण के कारण स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। बारिश के मौसम में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ या कथित इम्युनिटी बूस्टर पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना संतुलित और विविध आहार लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए भोजन में फल, सब्जियां, पर्याप्त प्रोटीन, साबुत अनाज, नट्स और बीज जैसे अलग-अलग खाद्य समूहों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही साफ पानी पीना और भोजन की स्वच्छता का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
विटामिन-C वाले फल डाइट में करें शामिल
मानसून के दौरान संतरा, मौसमी, अमरूद, आंवला और नींबू जैसे फल डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इनमें विटामिन-C के साथ अन्य जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।
अमरूद और आंवला जैसे फल पोषण की दृष्टि से खास माने जाते हैं। हालांकि, किसी एक फल को इम्युनिटी बढ़ाने का चमत्कारी उपाय मानने के बजाय अलग-अलग तरह के फलों को संतुलित मात्रा में खाना ज्यादा बेहतर है।
फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोना भी जरूरी है, क्योंकि बारिश के मौसम में भोजन की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
हरी और रंग-बिरंगी सब्जियां खाएं
मानसून की डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ अलग-अलग रंगों की सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। पालक के अलावा गाजर, शिमला मिर्च, लौकी, भिंडी और अन्य मौसमी सब्जियों को भोजन में शामिल किया जा सकता है।
अलग-अलग रंग की सब्जियों में अलग-अलग पोषक तत्व होते हैं। इसलिए रोजाना एक ही तरह की सब्जी खाने के बजाय भोजन में विविधता रखना बेहतर विकल्प है।
दाल, चना और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ जरूरी
शरीर के लिए पर्याप्त प्रोटीन भी जरूरी है। दाल, चना, मूंग, राजमा, सोयाबीन और अन्य फलियां प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
जो लोग खाते हैं, वे अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार अंडा, मछली या अन्य लीन प्रोटीन स्रोतों को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं। संतुलित आहार में अलग-अलग खाद्य समूहों को उचित मात्रा में शामिल करना महत्वपूर्ण है।
नट्स और बीजों को भी बनाएं डाइट का हिस्सा
बादाम, अखरोट, मूंगफली, तिल और दूसरे बीज कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना के भोजन में शामिल किया जा सकता है।
नट्स और बीजों को स्नैक के रूप में लिया जा सकता है या इन्हें भोजन में भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि इनकी मात्रा व्यक्ति की कुल डाइट और ऊर्जा जरूरत के अनुसार होनी चाहिए।
बारिश में गर्म और हल्का खाना बेहतर
मानसून के दौरान बहुत अधिक तला-भुना और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन खाने से बचना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह घर का ताजा और पौष्टिक भोजन लिया जा सकता है।
गर्म दाल, सब्जियों का सूप, खिचड़ी, दलिया और ताजी सब्जियों से तैयार भोजन बारिश के मौसम में अच्छे विकल्प हो सकते हैं। भोजन में पोषण के साथ उसकी स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से तैयार किया जाना भी महत्वपूर्ण है।
प्यास कम लगे तब भी पानी पीते रहें
बारिश के मौसम में गर्मी की तुलना में प्यास कम महसूस हो सकती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त तरल पदार्थ की जरूरत बनी रहती है। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पानी पीते रहना चाहिए।
पानी के साथ-साथ भोजन और पीने के पानी की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दें। दूषित पानी और असुरक्षित भोजन मानसून के दौरान कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
सिर्फ इम्युनिटी बूस्टर पर निर्भर न रहें
स्वस्थ रहने के लिए किसी एक फल, मसाले, ड्रिंक या सप्लीमेंट को इम्युनिटी बढ़ाने का चमत्कारी उपाय मानना सही नहीं है। शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए संतुलित भोजन के साथ पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और अच्छी स्वच्छता की आदतें भी महत्वपूर्ण हैं।
यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी है, वह दवाएं ले रहा है या किसी विशेष डाइट का पालन कर रहा है, तो खान-पान में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।











