नवरात्र व्रत खोलते समय न करें ये गलतियां, अचानक ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी; जानें सही तरीका

लाइफस्टाइल । नवरात्र के दौरान कई लोग नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। कुछ लोग पूरे दिन बिना भोजन किए रहते हैं, जबकि कुछ फलाहार, दूध, दही और हल्के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। व्रत के दौरान खानपान में बदलाव होने से शरीर की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नवरात्र समाप्त होने पर व्रत खोलते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
कई बार लोग व्रत खत्म होते ही पकवान, तली-भुनी चीजें और मिठाइयां ज्यादा मात्रा में खाने लगते हैं। इससे पेट भारी होने, गैस, एसिडिटी और मतली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए व्रत खोलते समय हल्का भोजन करना और धीरे-धीरे सामान्य खानपान की ओर लौटना बेहतर माना जाता है।
व्रत खोलते ही भरपेट खाना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
उपवास के दौरान भोजन की मात्रा और समय में बदलाव होता है। ऐसे में लंबे समय तक कम खाने के बाद अचानक बहुत ज्यादा भोजन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ सकता है।
खासतौर पर ज्यादा तला हुआ, मसालेदार और वसायुक्त भोजन खाने से अपच और पेट में असहजता हो सकती है। इसलिए व्रत खोलने के बाद थोड़ी मात्रा में भोजन करें और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार आगे खाएं।
1. सबसे पहले पानी पिएं
व्रत खोलते समय शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। सबसे पहले सामान्य पानी पिएं। यदि उपवास के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं लिया है, तो धीरे-धीरे पानी पीकर हाइड्रेशन बनाए रखें।
एक साथ बहुत अधिक पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी लेना बेहतर है। नारियल पानी या अन्य हल्के पेय भी लिए जा सकते हैं, बशर्ते वे आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुकूल हों।
2. हल्के भोजन से करें शुरुआत
व्रत खोलने के लिए केला, पपीता जैसे फल, दही या हल्का घर का बना भोजन अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके बाद भूख और सहनशीलता के अनुसार सामान्य भोजन करें।
यदि आप अनाज खाते हैं, तो खिचड़ी, दाल-चावल या हल्की सब्जी जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। एक साथ कई तरह के पकवान खाने से बचें।
3. तली-भुनी चीजों से दूरी रखें
नवरात्र के बाद पूरी, पकौड़े, चिप्स और ज्यादा घी या तेल से बने पकवान खाने का मन हो सकता है। हालांकि, लंबे उपवास के तुरंत बाद इन चीजों का ज्यादा सेवन करने से पेट में भारीपन और एसिडिटी की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाएं और भोजन में संतुलन बनाए रखें।
4. मिठाइयां और मीठे पेय सीमित रखें
व्रत खोलते समय मिठाइयां, हलवा और मीठे पेय ज्यादा मात्रा में लेने से बचें। इनमें चीनी और कैलोरी अधिक हो सकती है। इसकी जगह फल या कम मीठे विकल्प चुने जा सकते हैं।
मधुमेह से पीड़ित लोगों को व्रत के दौरान और व्रत खोलते समय रक्त शर्करा के स्तर का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
5. भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं
व्रत खोलने के बाद जल्दबाजी में भोजन न करें। धीरे-धीरे खाएं और भोजन को अच्छी तरह चबाएं। इससे पेट भरने का संकेत समझने में मदद मिलती है और जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम होती है।
यदि थोड़ा खाने के बाद ही पेट भरा महसूस हो, तो खुद को जबरदस्ती ज्यादा खाने के लिए मजबूर न करें।
6. लंबे उपवास के बाद रखें विशेष सावधानी
हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है। यदि आपने कई दिनों तक बहुत कम भोजन किया है या लगभग कुछ नहीं खाया है, तो सामान्य भोजन पर लौटने में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत हो सकती है।
लंबे समय तक बहुत कम खाने से कुपोषण या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में अचानक अधिक भोजन करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को उपवास के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
व्रत खोलने के लिए क्या खाएं और किन चीजों से बचें?
बेहतर विकल्प:
– केला, पपीता और अन्य ताजे फल।
– दही या अन्य उपयुक्त हल्के खाद्य पदार्थ।
– कम तेल में बना घर का भोजन।
– पर्याप्त मात्रा में पानी और जरूरत के अनुसार अन्य तरल पदार्थ।
इनसे बचें या सीमित रखें:
– बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन।
– एक साथ अधिक मिठाइयां।
– बहुत मसालेदार और भारी भोजन।
– जरूरत से ज्यादा खाना या लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक बड़ी मात्रा में भोजन करना।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सहायता लें। लंबे उपवास के बाद गंभीर कमजोरी को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
नवरात्र का व्रत खोलते समय संयमित खानपान सबसे महत्वपूर्ण है। पर्याप्त पानी पिएं, हल्के भोजन से शुरुआत करें और धीरे-धीरे सामान्य आहार अपनाएं। इससे पाचन संबंधी परेशानियों की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।











