
आंध्र प्रदेश में 33 वर्षीय महिला के पेट में मिलीं कई बाहरी वस्तुएं, डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी से सफलतापूर्वक निकाला
आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नरसारावपेट की 33 वर्षीय महिला के पेट से डॉक्टरों ने 13 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली है। इनमें एक बच्चों के इस्तेमाल वाला पेन करीब 25 सेंटीमीटर लंबा था, जिसने पेट में छेद कर दिया था। इस वजह से महिला के शरीर में गंभीर जटिलता पैदा हो गई थी।
महिला को सीने के बाईं ओर तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पहले ईसीजी और फिर एंडोस्कोपी की। ईसीजी सामान्य आया, लेकिन एंडोस्कोपी में पेट के भीतर कई बाहरी वस्तुएं दिखाई दीं। इसके बाद सीटी स्कैन से स्थिति की पुष्टि की गई।
डॉक्टरों ने महिला की हालत को देखते हुए एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी की मदद से वस्तुओं को बाहर निकालने का फैसला किया। सर्जरी के दौरान पेट से कुल 13 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई। डॉक्टरों के मुताबिक महिला की हालत फिलहाल स्थिर है।
पेट में कैसे पहुंचीं ये चीजें?
डॉक्टरों के अनुसार महिला ने करीब एक साल पहले भी चार पेन निगल लिए थे, जिन्हें सर्जरी के जरिए निकाला गया था। इस बार भी उसने कई बाहरी वस्तुएं निगल लीं। डॉक्टरों ने बताया कि महिला मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थी और उसका उपचार मनोचिकित्सक की निगरानी में चल रहा है।
बताया गया कि घटना से पहले महिला का अपने पिता से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने इन वस्तुओं को निगल लिया। हालांकि, डॉक्टरों ने इस तरह के व्यवहार को केवल एक घटना से जोड़कर देखने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के रूप में विशेषज्ञ उपचार की जरूरत पर जोर दिया।
25 सेंटीमीटर के पेन ने बढ़ाई मुश्किल
डॉक्टरों के मुताबिक महिला के पेट में पहुंचा करीब 25 सेंटीमीटर लंबा पेन बेहद असामान्य मामला था। इस पेन ने पेट में छेद कर दिया था, जिसके कारण न्यूमोमीडियास्टिनम जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई। ऐसी स्थिति में समय पर उपचार नहीं मिलने पर जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक नुकीली या बड़ी बाहरी वस्तुओं को निगलने से पाचन तंत्र में रुकावट या छेद होने का खतरा रहता है। कुछ छोटी वस्तुएं शरीर से प्राकृतिक रूप से बाहर निकल सकती हैं, लेकिन बड़ी या नुकीली वस्तुओं के मामले में तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान
महिला की जांच के बाद डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपी के जरिए पेट में मौजूद वस्तुओं को बाहर निकाला। चिकित्सकों ने बताया कि महिला की हालत अब स्थिर है और उसका मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार भी जारी है।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार ऐसी चीजें निगलता है जिन्हें खाने के लिए नहीं बनाया गया है, तो केवल शारीरिक इलाज के बजाय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से भी सलाह लेना जरूरी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ मामलों में मरीजों के पेट से चम्मच, टूथब्रश, बैटरियां, धातु की वस्तुएं और अन्य सामान निकाला गया है। चिकित्सकों के अनुसार कई बार निगली गई वस्तुएं लंबे समय तक पेट में मौजूद रह सकती हैं और बाद में दर्द, उल्टी या अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बनती हैं।
बाल निगलने के मामलों में पेट में बालों का गुच्छा बनने की स्थिति को ट्राइकोबेज़ोअर कहा जाता है। वहीं किसी भी बाहरी वस्तु को निगलना विशेष रूप से तब गंभीर हो सकता है, जब वह नुकीली, लंबी या बड़ी हो।
इस मामले में भी समय पर जांच और सर्जरी ने महिला को गंभीर खतरे से बचाने में अहम भूमिका निभाई।












