सरगुजा में 16 KM पैदल चलीं एकलव्य स्कूल की छात्राएं, शिकायतों के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के लंबे पैदल सफर का मामला चर्चा में है। स्कूल और हॉस्टल की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर करीब 45 छात्राएं कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल पड़ीं। छात्राओं ने बिजली, पढ़ाई और मेस की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्याएं सामने रखीं।
करीब 16 KM तक पैदल चलीं छात्राएं
छात्राएं कलेक्टोरेट पहुंचकर सीधे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखना चाहती थीं। वे करीब 16 किलोमीटर तक पैदल चलीं, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें आगे ले जाने के लिए बस की व्यवस्था की। इसके बाद छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर अपनी शिकायतें बताईं।
बिजली से लेकर पढ़ाई तक की शिकायत
छात्राओं ने बताया कि स्कूल और हॉस्टल में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई थी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, खासकर गणित और रसायन विज्ञान की पढ़ाई को लेकर भी शिकायत की। मेस की साफ-सफाई और अन्य हॉस्टल व्यवस्थाओं पर भी छात्राओं ने सवाल उठाए।
तीन सदस्यीय समिति ने की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने छात्राओं और स्कूल स्टाफ से जानकारी लेने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।
प्राचार्य हटाए गए, वार्डन को नोटिस
जांच के बाद प्रशासन ने प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटाकर सहायक आयुक्त कार्यालय में अटैच कर दिया। वहीं हॉस्टल वार्डन को कथित लापरवाही के मामले में शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
CM साय ने जताई नाराजगी
मामले की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक पहुंचने के बाद उन्होंने सरगुजा कलेक्टर से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को अपनी बुनियादी समस्याएं बताने के लिए पैदल निकलने की स्थिति पर नाराजगी जताई और जिम्मेदारी तय कर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
अब सुविधाओं में सुधार पर नजर
प्रशासन ने स्कूल में बिजली, शिक्षा, मेस, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने आदिवासी क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों में छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।












