मणिपुर के मशहूर संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की दिल्ली में पीट-पीटकर हत्या, ‘मणिपुर की लता मंगेशकर’ के थे बेटे

शोर-शराबे का विरोध करने पर हुआ विवाद, हमले में 55 वर्षीय संगीतकार की मौत; मामे खान समेत संगीत जगत में शोक
दिल्ली में मणिपुर के प्रसिद्ध संगीतकार और गिटारिस्ट चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 55 वर्षीय विक्रम सिंह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार देर रात उनके घर के बाहर कुछ लोग शोर-शराबा कर रहे थे। विक्रम सिंह ने कथित तौर पर उन्हें शोर कम करने के लिए कहा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन पर हमला कर दिया गया। गंभीर चोटों के चलते अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
मणिपुर की मशहूर गायिका चोंगथम कमला के बेटे थे विक्रम
विक्रम सिंह संगीत से जुड़े बेहद प्रतिष्ठित परिवार से आते थे। उनकी मां चोंगथम कमला मणिपुर की जानी-मानी शास्त्रीय और प्लेबैक गायिका रही हैं। उन्हें मणिपुर की संगीत दुनिया में बेहद सम्मान मिला और कई जगहों पर उन्हें ‘मणिपुर की लता मंगेशकर’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने 1972 की फिल्म मतामगी मणिपुर में अपनी आवाज दी थी और आकाशवाणी इम्फाल से भी लंबे समय तक जुड़ी रहीं।
संगीत का यह रिश्ता विक्रम सिंह तक भी पहुंचा। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के उभरते रॉक म्यूजिक सीन से अपने करियर की शुरुआत की। वह अल्ट्रा वायर्स से जुड़े और बाद में फीनिक्स जैसे चर्चित रॉक बैंड के लीड गिटारिस्ट बने। उन्हें मणिपुर के रॉक संगीत के शुरुआती दौर के महत्वपूर्ण कलाकारों में गिना जाता था।
दिल्ली में बनाया म्यूजिक स्कूल
बाद में विक्रम सिंह दिल्ली चले आए और करीब 17 साल तक राजधानी में रहकर संगीत से जुड़े रहे। उन्होंने अपना म्यूजिक स्कूल शुरू किया और नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को संगीत की शिक्षा दी। वह दिल्ली स्कूल ऑफ म्यूजिक में भी पढ़ाते थे। इसके अलावा उन्होंने कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कॉन्सर्ट और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया।
उनका जुड़ाव राजस्थान के मशहूर लोक गायक मामे खान के साथ भी रहा। दोनों ने 2018 में ‘लाल पीली अंखियां’ प्रोजेक्ट में साथ काम किया था। इस गाने में राजस्थानी लोक संगीत के साथ फ्लेमेंको और वेस्टर्न म्यूजिक का फ्यूजन देखने को मिला था। विक्रम सिंह ने इसमें गिटार बजाया था। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद मामे खान ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताया और उनके परिवार के लिए न्याय की मांग से जुड़ी पोस्ट साझा की।
शोर रोकने गए थे, फिर हुआ हमला
परिवार और पुलिस से सामने आई जानकारी के अनुसार, रविवार रात किलोकरी स्थित उनके घर के बाहर कुछ लोग काफी शोर कर रहे थे। बताया गया है कि इनमें डिलीवरी से जुड़े कर्मचारी और आसपास के खाने-पीने के प्रतिष्ठानों के कर्मचारी भी शामिल थे। विक्रम सिंह शोर कम कराने के लिए नीचे गए, जिसके बाद कहासुनी हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में विक्रम सिंह को गंभीर चोटें आईं। उनके बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल की रिपोर्ट में मौत की वजह ब्लंट फोर्स ट्रॉमा के कारण हुआ हैमरेजिक शॉक बताई गई है।
पुलिस ने कई आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सात वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। सामने आए CCTV फुटेज में कथित आरोपियों को घटना के बाद इमारत से बाहर निकलते हुए देखा गया है।
विक्रम सिंह की मौत से मणिपुर के संगीत जगत के साथ-साथ दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय में भी गहरा आक्रोश और दुख है। इस घटना ने महानगरों में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले की जांच जारी है और परिवार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।












