
मध्य प्रदेश में 74 हजार बीएलओ करेंगे घर-घर सर्वे, कटे हुए नामों का फिर होगा सत्यापन
भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया गया है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश के करीब 74 हजार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 31 अक्टूबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे करेंगे। इस अभियान का मकसद मतदाता सूची में दर्ज नामों की वास्तविक स्थिति जांचना और पात्र लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाना है।
इस दौरान पहले मतदाता सूची से हटाए गए 31 लाख 11 हजार नामों का दोबारा सूक्ष्म सत्यापन किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार इनमें करीब 14 लाख नाम ऐसे हैं, जो दो जगह दर्ज होने या संबंधित मतदाता की मृत्यु जैसी वजहों से हटाए गए थे।
वहीं करीब 17 लाख 11 हजार 302 मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने या दिए गए पते पर नहीं मिलने के कारण सूची से हटाया गया था। अब बीएलओ घर-घर जाकर यह पता करेंगे कि इनमें से कौन वास्तव में उसी क्षेत्र में रह रहा है।
यदि सत्यापन में यह सामने आता है कि संबंधित व्यक्ति स्थानीय निवासी है और मतदान के योग्य है, तो उसका नाम मतदाता सूची में दोबारा जोड़ा जा सकता है। ऐसे में मतदाताओं के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सत्यापन के दौरान पात्र नागरिक अपने नाम की स्थिति स्पष्ट करा सकेंगे।












