तिल्दा हत्याकांड में दो भाइयों को उम्रकैद, जानिए कैसे खुला पूरा मामला

हत्याकांड में दोनों सगे भाई दोषी, चाकू और डंडे से किया था हमला
रायपुर। तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम घुलघुल में युवक हितेश वर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश रायपुर जितेंद्र कुमार सिंह ने वेदप्रकाश उर्फ वेद वर्मा और अजय कुमार वर्मा को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने दोनों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। फैसला 5 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
मामला 16 मार्च 2025 का है। अभियोजन के अनुसार ग्राम घुलघुल स्कूल के पास गोवर्धन पहाड़ के समीप गली में हितेश वर्मा मौजूद था। इसी दौरान वेद वर्मा और उसका भाई अजय वहां पहुंचे और हितेश के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
बीच-बचाव करने पहुंचे भाई से भी मारपीट
हितेश का भाई हेमनारायण वर्मा बीच-बचाव करने पहुंचा, लेकिन आरोपितों ने उसके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की। विवाद बढ़ने पर दोनों भाइयों ने हितेश पर हमला कर दिया।
चाकू और डंडे से किया हमला
अभियोजन के मुताबिक वेदप्रकाश ने हितेश पर चाकू से हमला किया, जबकि अजय ने बांस के डंडे से उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे जोरदार वार किया। हमले के बाद दोनों मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल हितेश को स्वजन तिल्दा नेवरा के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खून से सने चाकू और कपड़े बने अहम सबूत
हत्या के बाद तिल्दा नेवरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 107/2025 दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। विवेचना के दौरान वेदप्रकाश के कब्जे से खून के दाग वाला धारदार चाकू बरामद किया गया। उसके घटना के समय पहने कपड़ों पर भी खून के निशान मिले। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
हत्या के साथ हथियार रखने की भी सजा
अदालत ने वेदप्रकाश वर्मा को हत्या के अलावा धमकी और मारपीट की धाराओं में भी अलग-अलग सजा सुनाई। उसे बीएनएस की धारा 351(2) में दो वर्ष सश्रम कारावास, धारा 115(2) में एक वर्ष सश्रम कारावास और धारा 103(1) में आजीवन कारावास की सजा दी गई। आयुध अधिनियम की धाराओं में भी उसे तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
अजय वर्मा को भी बीएनएस की धारा 351(2) में दो वर्ष, धारा 115(2) में एक वर्ष और धारा 103(1) में आजीवन कारावास की सजा मिली। अदालत ने दोनों की सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने मृतक हितेश वर्मा के स्वजन को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत उचित प्रतिकर दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है।












