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जनता की समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक सेवा की भूमिका अहम : CM साय

रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं और जनता की समस्याओं के समाधान में उनकी अहम भूमिका होती है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में मंगलवार को 2024 बैच के 13 और 2021 बैच के एक प्रशिक्षु अधिकारी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समाज और शासन, दोनों स्तर पर जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने की सीख दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “प्रशासनिक अधिकारी केवल नीतियों के क्रियान्वयनकर्ता नहीं हैं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाले भी होते हैं। आपकी छोटी-सी पहल भी जनता को बड़ी राहत दे सकती है।” उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करने को कहा और उन्हें पारदर्शिता व जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी।

नक्सलवाद उन्मूलन पर जोर

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की विशेष परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य खनिज, वन और ऊर्जा संसाधनों से संपन्न है। नक्सलवाद लंबे समय से विकास में बाधक रहा, लेकिन अब यह अपनी “अंतिम साँसें गिन रहा है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के मार्ग पर अग्रसर होगा और ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

पारदर्शी शासन की दिशा में पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी गई है ताकि कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी हो सके। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

राजस्व मामलों पर फोकस

साय ने राजस्व संबंधी मामलों को सबसे अहम बताते हुए कहा कि ये सीधे जनता से जुड़े होते हैं। “अधिकारियों की छोटी-सी पहल भी आम लोगों को बड़ी राहत दिला सकती है,” उन्होंने कहा। सरकार ने राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

समाज निर्माण में योगदान का आह्वान

  1. मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपील की कि वे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज निर्माण में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जनजातीय समाज को आगे लाने में उनकी बड़ी भूमिका होगी।

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