
नई दिल्ली। नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में सक्रिय अल-कायदा संगठन AQIS का इस हमले से संबंध था। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।
UNSC के विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल की 38वीं रिपोर्ट में AQIS को लेकर कई अहम जानकारियां दी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन अब केवल बिखरे हुए नेटवर्क के रूप में काम नहीं कर रहा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर अपनी गतिविधियों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए छोटे-छोटे सेल, वित्तीय नेटवर्क और सामान पहुंचाने वाले नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पिछली रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का था जिक्र
लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर यह खुलासा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UNSC की पिछली यानी 37वीं रिपोर्ट में हमले के संभावित संबंध को जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया था। एक सदस्य देश की ओर से दी गई जानकारी में जैश-ए-मोहम्मद के कई हमलों की जिम्मेदारी लेने और नवंबर 2025 के दिल्ली हमले से संभावित संबंध का उल्लेख किया गया था।
अब नई रिपोर्ट में AQIS का नाम सामने आने से मामले की आतंकी कड़ी को लेकर एक नया पहलू जुड़ गया है।
चलती कार में हुआ था विस्फोट
नवंबर 2025 में शाम करीब सात बजे लाल किले के पास एक चलती हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ था। कार उमर नबी चला रहा था और जांच एजेंसियों ने उसे आत्मघाती हमलावर होने की आशंका जताई थी। विस्फोट में उसकी भी मौत हो गई थी। घटना में कुल 11 लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए थे।
NIA की जांच भी जारी
इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है। अभियोजन पक्ष की शिकायत में 580 से अधिक गवाहों का भी उल्लेख किया गया है।
AQIS और ISIL को लेकर UN की चिंता
UNSC की रिपोर्ट में AQIS के अलावा अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL) से जुड़े संगठनों की गतिविधियों पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन संगठनों की ओर से रासायनिक और जैविक हथियारों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन साझा किए जाने की गतिविधियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि AQIS बांग्लादेश में अपनी गतिविधियों और ठिकानों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की निगरानी टीम ने इन संगठनों के बढ़ते नेटवर्क और तकनीकी क्षमताओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत बताई है।












