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रायपुर गणेश विसर्जन झांकी में हादसा: होटल का छज्जा गिरने से रास्ता प्रभावित, एंबुलेंस फंसी; तेज DJ के बीच नाग लोक-नरक की थीम ने खींचा ध्यान

28 सितंबर की रात रायपुर में शारदा चौक से महादेव घाट तक निकली गणेश विसर्जन झांकी में बड़ी भीड़ उमड़ी। जुलूस के दौरान होटल का छज्जा गिरने और एंबुलेंस के फंसने की बात सामने आई, जबकि अलग-अलग झांकियों में धार्मिक और सामाजिक संदेशों को थीम के रूप में दिखाया गया।

रायपुर। गणेश उत्सव के समापन पर राजधानी रायपुर में सोमवार, 28 सितंबर 2026 की रात भव्य गणेश विसर्जन झांकी निकाली गई। शारदा चौक से शुरू हुआ झांकी चल समारोह जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदर बाजार, कंकालीपारा चौक, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, सुंदरनगर और रायपुरा होते हुए महादेव घाट स्थित विसर्जन स्थल तक पहुंचा। झांकी को लेकर पहले से ही पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की थी।

झांकी के दौरान शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई समितियों ने आकर्षक लाइटिंग, सजावट और अलग-अलग विषयों पर आधारित झांकियां तैयार की थीं। इनमें नाग लोक और नरक की थीम वाली झांकी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। झांकी के जरिए धार्मिक कथाओं और कर्म के परिणाम से जुड़े संदेशों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई।

होटल का छज्जा गिरने से मची हलचल

विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके में होटल का छज्जा गिरने की घटना सामने आई। छज्जा गिरने के बाद सड़क पर मलबा आने से रास्ते में कुछ समय के लिए परेशानी की स्थिति बनी। इसी दौरान एक एंबुलेंस के फंसने की बात भी सामने आई।

हालांकि, उपलब्ध ऑनलाइन रिपोर्टों में इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल स्पष्ट रूप से नहीं मिलती। इसलिए हादसे से जुड़े नुकसान और किसी संभावित चोट के बारे में अंतिम जानकारी प्रशासन या पुलिस की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट मानी जानी चाहिए।

जर्जर भवनों को लेकर पहले ही थी चिंता

गौर करने वाली बात यह है कि गणेश झांकी के रूट को लेकर प्रशासन और पुलिस की बैठकों में सदर बाजार क्षेत्र के जर्जर भवनों का मुद्दा पहले ही उठाया गया था। आयोजकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और झांकी के दौरान आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने के निर्देश दिए गए थे।

नगर निगम की ओर से भी झांकी मार्ग में आने वाले पुराने और जर्जर भवनों को लेकर भवन मालिकों से सावधानी बरतने की अपील की गई थी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुराने भवनों पर लोगों के खड़े होने से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया था।

तेज DJ और झांकी में नाचते नजर आए लोग

झांकी के दौरान बड़ी संख्या में लोग DJ और संगीत की धुन पर नाचते हुए नजर आए। भीड़ में युवाओं और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हालांकि, झांकी से पहले पुलिस ने DJ और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को निर्धारित नियमों के अनुसार रखने के निर्देश दिए थे। आयोजकों से यह भी कहा गया था कि वे नशे से दूर रहें और झांकी के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न होने दें।

प्रशासन की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी था कि झांकी के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखा जाए। ऐसे में जुलूस के दौरान एंबुलेंस के फंसने की घटना ने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन रास्ते को लेकर सवाल खड़े किए।

शारदा चौक से महादेव घाट तक रहा भारी जमावड़ा

रायपुर की पारंपरिक गणेश विसर्जन झांकी का रूट शहर के सबसे व्यस्त इलाकों से होकर गुजरता है। प्रशासन ने पहले ही शाम 6 बजे से झांकी मार्ग पर यातायात में बदलाव की जानकारी दी थी। शारदा चौक से लेकर महादेव घाट तक कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित या डायवर्ट की गई थी।

लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था भी की गई थी। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि वे निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं।

बारिश और सुरक्षा के बीच हुआ आयोजन

इस साल रायपुर की गणेश विसर्जन झांकी को मौसम की चुनौती का भी सामना करना पड़ा। भारी बारिश और खारून नदी के जलस्तर को देखते हुए पहले कार्यक्रम के समय और आयोजन को लेकर बदलाव किए गए थे। बाद में 28 सितंबर को झांकी चल समारोह आयोजित किया गया।

पुलिस-प्रशासन ने झांकी के दौरान सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की थी। CCTV, निगरानी और ट्रैफिक व्यवस्था के साथ भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी की गई थी।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश भी

गणेश विसर्जन की झांकियां सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहीं। अलग-अलग समितियों ने अपने-अपने तरीके से धार्मिक कथाओं, पौराणिक प्रसंगों और सामाजिक संदेशों को झांकियों में शामिल किया। नाग लोक और नरक की थीम भी इसी तरह की प्रस्तुति का हिस्सा रही, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

वहीं, छज्जा गिरने और एंबुलेंस के रास्ते में फंसने जैसी घटनाओं ने यह भी दिखाया कि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन, जर्जर भवनों की सुरक्षा और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खाली रखना कितना महत्वपूर्ण है।

नोट: होटल के छज्जे के गिरने, एंबुलेंस के फंसने और मौके पर लोगों के DJ पर नाचने से जुड़े विशिष्ट घटनाक्रम की स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि मुझे उपलब्ध ऑनलाइन स्रोतों में पूरी तरह नहीं मिली है। इसलिए इन हिस्सों को प्रत्यक्षदर्शी या स्थानीय वीडियो/रिपोर्ट मिलने पर अपडेट करना बेहतर रहेगा। उपलब्ध स्रोतों से 28 सितंबर 2026 की झांकी, उसका रूट, सुरक्षा व्यवस्था, जर्जर भवनों को लेकर चिंता और आपातकालीन रास्ता खुला रखने के निर्देश की पुष्टि होती है।

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