रायपुर में SIR को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, घड़ी चौक पर पुलिस ने रोका मार्च; पीएम-CEC का पुतला फूंका

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया, रायपुर में राजीव गांधी प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक निकाला गया मार्च
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने सोमवार, 28 सितंबर को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
रायपुर के प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत विधायक, पूर्व मंत्री और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और FIR दर्ज करने की मांग भी रखी।
घड़ी चौक पर पुलिस ने रोका मार्च
राजीव गांधी प्रतिमा से शुरू हुआ कांग्रेस का पैदल मार्च जब घड़ी चौक के पास पहुंचा तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए। कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची से संबंधित अपने सवालों को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही है। यह प्रदर्शन देशभर में कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसमें पार्टी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
कांग्रेस ने उठाए ये सवाल
कांग्रेस की ओर से SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया को कानूनी दायरे में बताया है और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन
रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर कलेक्ट्रेट की ओर मार्च और घेराव का कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई।












