रायपुर के ब्लू वाटर में दर्दनाक हादसा, तैराकी की शर्त में डूबा 24 वर्षीय युवक

दोस्तों के साथ नकटी स्थित ब्लू वाटर पहुंचा था युवक, अंधेरा और गहराई के कारण रात में नहीं हो सकी तलाश; सुबह SDRF चलाएगी सर्च ऑपरेशन
रायपुर के माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे 24 वर्षीय आदिल खान की गहरे पानी में डूबने की खबर है। बताया जा रहा है कि दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी थी। इसी दौरान आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतरे। दोस्त तो बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और वापस नहीं लौट सका।
घटना की सूचना मिलते ही माना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। अंधेरा होने और खदान में पानी की अधिक गहराई के कारण रात में रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया जा सका। अब गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे से SDRF की टीम युवक की तलाश करेगी।
दोस्तों के साथ ब्लू वाटर पहुंचा था आदिल
पुलिस के अनुसार मौदहापारा निवासी आदिल खान अपने तीन दोस्तों के साथ नकटी स्थित ब्लू वाटर घूमने गया था। इसी दौरान दोस्तों ने पानी में एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगाई।
आदिल अपने एक दोस्त के साथ पानी में कूद गया। उसका दोस्त तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे हिस्से में चला गया और डूब गया। घटना के बाद दोस्तों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
अंधेरा और गहराई बनी रेस्क्यू में बाधा
युवक के डूबने की सूचना के बाद SDRF से संपर्क किया गया। हालांकि, रात में अंधेरा और पानी की गहराई अधिक होने के कारण तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू करना मुश्किल था। पुलिस ने सुबह उजाला होने के बाद तलाश शुरू करने का निर्णय लिया।
परिजन रात में ही रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने उन्हें समझाइश दी। अब सुबह SDRF की टीम गहरे पानी में युवक की तलाश करेगी।
ब्लू वाटर में पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
नकटी का ब्लू वाटर लंबे समय से हादसों को लेकर चर्चा में रहा है। उपलब्ध घटनाक्रम के मुताबिक वर्ष 2017 से अब तक यहां कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।
2017 में 17 वर्षीय सुनैना की डूबने से मौत हुई थी। इसके बाद 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ की जान चली गई। मार्च 2023 में पिकनिक मनाने पहुंचे दो युवकों की डूबने से मौत हुई थी, जबकि जून 2023 में नहाने गए नदीम, फैजल और शहबाज की भी डूबने से मौत हुई।
31 अक्टूबर 2025 को भी टाटीबंध के एक स्कूल के नौ छात्र स्कूल से निकलकर ब्लू वाटर पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव बाद में बरामद किए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
बारिश के दौरान पुरानी खदान में पानी भर जाने से ब्लू वाटर तालाब जैसा दिखाई देता है। इसके चलते लोग अक्सर यहां घूमने और नहाने पहुंच जाते हैं। लेकिन गहराई और खतरनाक हिस्सों के कारण यह स्थान बेहद जोखिम भरा माना जाता है।
लगातार हादसों के बावजूद यहां सुरक्षा और जागरूकता के पर्याप्त इंतजाम को लेकर सवाल उठते रहे हैं। खतरनाक हिस्सों की घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और लोगों की आवाजाही रोकने जैसे उपायों की कमी भी चिंता का विषय है।
अगर आदिल खान का शव बरामद होता है, तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2017 से अब तक ब्लू वाटर में डूबने से मौतों की संख्या 10 तक पहुंच जाएगी। यह घटना एक बार फिर ऐसे खतरनाक जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।












