
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं पर फोकस
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हर घर और हर मन में तिरंगे की भावना है। इस बार लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ की गूंज भी सुनाई दी।
अपने लंबे संबोधन में प्रधानमंत्री ने 10 प्रमुख संदेश दिए। सबसे पहले उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दोहराया और कहा कि 140 करोड़ जनता की सामूहिक शक्ति ही इस लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने राज्यों और स्थानीय निकायों से विकास कार्यों की गति बढ़ाने का आह्वान किया।
दूसरा बड़ा संदेश ऊर्जा सुरक्षा पर था। उन्होंने 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा और बताया कि पांच नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है। एआई और डेटा सेंटर के विस्तार के लिए बिजली की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा सुरक्षा को रणनीतिक जरूरत बताया।
तीसरा संदेश प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना का था। असम, केरल, उत्तराखंड और नागालैंड समेत बाढ़, भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
चौथा संदेश आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रहा। पेट्रोल, डीजल, उर्वरक, दवाइयों और तकनीक जैसे क्षेत्रों में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पहले दशकों में पूरे होने वाले प्रोजेक्ट अब कम समय में पूरे हो रहे हैं।
पांचवां संदेश ‘समुद्र मंथन’ पहल का था। समुद्री संसाधनों की खोज के लिए 85 हजार करोड़ रुपये के फंड का जिक्र किया और ऊर्जा जरूरतों के लिए समुद्र के भीतर संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।
छठा संदेश वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों के दबदबे को लेकर था। फॉर्च्यून-500 में ज्यादा भारतीय कंपनियां, बैंकिंग और फार्मा सेक्टर में मजबूत मौजूदगी का लक्ष्य रखा।
सातवां संदेश नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर था। सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया गया है और अब उन इलाकों में विकास और विश्वास का माहौल बन रहा है।
आठवां संदेश ‘शक्ति की सप्तधारा’ का था। मैन्युफैक्चरिंग में पुर्जों से लेकर डिजाइन और उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने और जीरो डिफेक्ट तथा यूजर-फ्रेंडली उत्पादों पर जोर दिया।
नौवां संदेश युवाओं को लेकर था। आने वाले एक साल में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को एआई की ट्रेनिंग देने और जरूरतमंद मेधावी छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की।
दसवां संदेश ओलंपिक 2036 और देशव्यापी टैलेंट हंट का था। 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी और 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की बात कही।
प्रधानमंत्री ने विकास, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, युवा और खेल को भारत के भविष्य की ताकत बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को सामूहिक प्रयासों से हासिल करने का आह्वान किया।












