नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, नई बनी झील ने बढ़ाई चिंता

काठमांडू, 29 अगस्त 2026। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद अब एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चीन-नेपाल सीमा के पास भूस्खलन से बनी एक नई झील का पानी बढ़ने और उसके नदी में बहने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है।
ग्लेशियर के टूटने के बाद भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा नदियों के रास्ते में जमा हो गया था। इससे प्राकृतिक बांध जैसा अवरोध बन गया और उसके पीछे पानी जमा होकर एक झील बन गई। शुक्रवार को इस झील का पानी ओवरफ्लो होकर नीचे की ओर बहने लगा, जिसके बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी पर नजर
झील से निकलने वाले पानी का असर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। अधिकारियों ने नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। कुछ समय के लिए राहत और बचाव अभियान भी रोकना पड़ा, क्योंकि अचानक पानी बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।
हालांकि बाद में अधिकारियों ने स्थिति को फिलहाल नियंत्रण में और जोखिम को प्रबंधनीय बताया, जिसके बाद बचाव अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया।
579 लोगों की मौत, हजारों अब भी लापता
26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ में नेपाल में अब तक 579 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि करीब 1,924 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा से 90 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ और भूस्खलन ने सड़क, पुल, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में राहत और बचाव दलों को पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या फिर आएगी बड़ी बाढ़?
फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि नेपाल में दोबारा पहले जैसी विनाशकारी बाढ़ आएगी। लेकिन नई बनी झील और ऊपर की ओर मौजूद अन्य जलाशयों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि प्राकृतिक अवरोध अचानक टूटता है तो बड़ी मात्रा में पानी और मलबा तेजी से नीचे की ओर आ सकता है।












