कोंडागांव : टाटामारी में हरेली पर्व पर सजा फूड फेस्टिवल, कायाकिंग और म्यूजियम का शुभारंभ

कोंडागांव। 14 अगस्त 2026 को हरेली पर्व के अवसर पर वन विभाग द्वारा केशकाल स्थित इको पर्यटन केंद्र टाटामारी में फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों महिला स्व सहायता समूहों और युवाओं ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिला स्व सहायता समूहों ने बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जिन्हें अतिथियों और पर्यटकों ने चखा। आयोजन के दौरान टाटामारी को प्लास्टिक मुक्त पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में विशेष अभियान भी शुरू किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने टाटामारी में म्यूजियम और तालाब में कायाकिंग सुविधा का शुभारंभ किया।
डीएफओ दिव्या गौतम ने बताया कि हरेली पर्व पर आयोजन का उद्देश्य लोगों को प्रकृति पर्यावरण और स्थानीय परंपराओं से जोड़ना है। महिला समूहों द्वारा पर्यटकों के लिए पारंपरिक व्यंजन बनाए गए हैं। तालाब में कायाकिंग शुरू होने से पर्यटकों के लिए नया आकर्षण जुड़ा है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक मुक्त टाटामारी बनाने के पूर्व संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय महिला समूहों और दुकानदारों को दस दस रुपये के टोकन उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक का उपयोग कम करना और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना है।
नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी ने वन विभाग के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि हरेली पर्व हरियाली और प्रकृति संरक्षण से जुड़ा है। इस आयोजन से लोगों को जंगल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिला है। उन्होंने वन विभाग और महिला स्व सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना की तथा क्षेत्रवासियों को हरेली की शुभकामनाएं दीं।
पार्षद भूपेश चन्द्राकर ने कहा कि टाटामारी के माध्यम से केशकाल क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थलों को भी पहचान मिल रही है और बाहरी पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरेली के मूल भाव के अनुरूप प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल आयोजन को और सार्थक बनाती है।
वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग द्वारा पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी जिम्मेदारियां महिला स्व सहायता समूहों को सौंपना सराहनीय है। इससे महिलाओं की भागीदारी और आय के साधन बढ़ रहे हैं। टाटामारी में पर्यटकों का आगमन बढ़ने से स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार बस्तर और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी पार्षद भूपेश चन्द्राकर नम्रता भारद्वाज महेश तारम डीएफओ दिव्या गौतम एसडीओ सुषमा नेताम वरिष्ठ पत्रकार कृष्णदत्त उपाध्याय सहित वन विभाग की टीम महिला स्व सहायता समूहों के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।












